धारा 70 · सामूहिक बलात्कार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी महिला के साथ एक या एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा बलात्कार किया जाता है जो एक समूह का गठन करते हैं या किसी सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को बलात्कार का अपराध करने वाला माना जाएगा और उसे कम से कम बीस वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा, और जुर्माना भी लगाया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के चिकित्सा खर्च और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
(2) जहां अठारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला के साथ एक या एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा बलात्कार किया जाता है जो एक समूह का गठन करते हैं या किसी सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को बलात्कार का अपराध करने वाला माना जाएगा और उसे आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा, और जुर्माना या मृत्युदंड दिया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के चिकित्सा खर्च और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के चिकित्सा खर्च और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
(2) जहां अठारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला के साथ एक या एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा बलात्कार किया जाता है जो एक समूह का गठन करते हैं या किसी सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को बलात्कार का अपराध करने वाला माना जाएगा और उसे आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा, और जुर्माना या मृत्युदंड दिया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के चिकित्सा खर्च और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 20 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 70IPC 376(D)
376D. Gang rape.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
