धारा 106 · लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई भी लापरवाही या असावधानी से किसी व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है, जो जानबूझकर हत्या न हो, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से पांच वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा; और यदि ऐसा कार्य किसी पंजीकृत चिकित्सक द्वारा चिकित्सा प्रक्रिया करते समय किया जाता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
स्पष्टीकरण.—इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, “पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी” से तात्पर्य ऐसे चिकित्सा व्यवसायी से है जिसके पास राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 (30 ऑफ 2019) के तहत मान्यता प्राप्त कोई चिकित्सा योग्यता हो और जिसका नाम उस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर या राज्य चिकित्सा रजिस्टर में दर्ज हो।
(2) जो कोई भी वाहन की लापरवाही और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आता है, और घटना के तुरंत बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दिए बिना भाग जाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
स्पष्टीकरण.—इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, “पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी” से तात्पर्य ऐसे चिकित्सा व्यवसायी से है जिसके पास राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 (30 ऑफ 2019) के तहत मान्यता प्राप्त कोई चिकित्सा योग्यता हो और जिसका नाम उस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर या राज्य चिकित्सा रजिस्टर में दर्ज हो।
(2) जो कोई भी वाहन की लापरवाही और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आता है, और घटना के तुरंत बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दिए बिना भाग जाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 10 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 106IPC 304A
304A. Causing death by negligence
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
