धारा 124 · एसिड आदि के प्रयोग से जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई किसी व्यक्ति के शरीर के किसी अंग या अंगों को स्थायी या आंशिक क्षति या विकृति पहुंचाता है, या जलाता है, अपंग करता है, कुरूप करता है या अक्षम बनाता है, या उस व्यक्ति पर तेजाब फेंककर या उसे तेजाब पिलाकर, या किसी अन्य साधन का प्रयोग करके, ऐसी चोट या चोट पहुंचाने के इरादे से या यह जानते हुए कि वह ऐसी चोट या चोट पहुंचा सकता है, गंभीर चोट पहुंचाता है, या किसी व्यक्ति को स्थायी कोमा जैसी स्थिति में पहुंचाता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से कम से कम दस वर्ष की अवधि के लिए, लेकिन आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, और जुर्माने से दंडित किया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के उपचार के चिकित्सा खर्चों को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
(2) जो कोई किसी व्यक्ति पर तेजाब फेंकता है या फेंकने का प्रयास करता है, या किसी व्यक्ति को तेजाब पिलाने का प्रयास करता है, या किसी अन्य साधन का उपयोग करने का प्रयास करता है, इस इरादे से कि उस व्यक्ति को स्थायी या आंशिक क्षति, विकृति, जलन, अपंगता, कुरूपता, विकलांगता या गंभीर चोट पहुंचे, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन सात वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
स्पष्टीकरण 1.--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "अम्ल" में कोई भी ऐसा पदार्थ शामिल है जो अम्लीय या संक्षारक प्रकृति का हो या ज्वलनशील हो, जो शारीरिक चोट पहुँचाने में सक्षम हो जिससे निशान या कुरूपता या अस्थायी या स्थायी विकलांगता हो सकती है।
स्पष्टीकरण 2.---इस धारा के प्रयोजनों के लिए, स्थायी या आंशिक क्षति या विकृति या स्थायी वनस्पति अवस्था को अपरिवर्तनीय होना आवश्यक नहीं होगा।
बशर्ते कि ऐसा जुर्माना पीड़ित के उपचार के चिकित्सा खर्चों को पूरा करने के लिए उचित और तर्कसंगत हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत लगाया गया कोई भी जुर्माना पीड़ित को अदा किया जाएगा।
(2) जो कोई किसी व्यक्ति पर तेजाब फेंकता है या फेंकने का प्रयास करता है, या किसी व्यक्ति को तेजाब पिलाने का प्रयास करता है, या किसी अन्य साधन का उपयोग करने का प्रयास करता है, इस इरादे से कि उस व्यक्ति को स्थायी या आंशिक क्षति, विकृति, जलन, अपंगता, कुरूपता, विकलांगता या गंभीर चोट पहुंचे, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन सात वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
स्पष्टीकरण 1.--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "अम्ल" में कोई भी ऐसा पदार्थ शामिल है जो अम्लीय या संक्षारक प्रकृति का हो या ज्वलनशील हो, जो शारीरिक चोट पहुँचाने में सक्षम हो जिससे निशान या कुरूपता या अस्थायी या स्थायी विकलांगता हो सकती है।
स्पष्टीकरण 2.---इस धारा के प्रयोजनों के लिए, स्थायी या आंशिक क्षति या विकृति या स्थायी वनस्पति अवस्था को अपरिवर्तनीय होना आवश्यक नहीं होगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 5 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 124IPC 326A
326A. Voluntarily causing grievous hurt by use of acid, etc
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
