धारा 91 · किसी बच्चे को जीवित जन्म लेने से रोकने या जन्म के बाद उसकी मृत्यु का कारण बनने के इरादे से किया गया कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो कोई भी किसी बच्चे के जन्म से पहले ऐसा कोई कार्य करता है जिससे वह बच्चा जीवित पैदा न हो या जन्म के बाद मर जाए, और ऐसे कार्य से वह बच्चा जीवित पैदा न हो पाए या जन्म के बाद मर जाए, तो यदि ऐसा कार्य माता का जीवन बचाने के उद्देश्य से सद्भावनापूर्वक न किया गया हो, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 10 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 91IPC 315
315. Act done with intent to prevent child being born alive or to cause it to die after birth.
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