BNS 267अध्याय XIV · Of False Evidence and Offences Against Public Justiceपहले IPC 228बदलाव हुआ

धारा 267 · धारा 267. न्यायिक कार्यवाही में बैठे हुए लोक सेवक का जानबूझकर अपमान या उसके कार्य में विघ्न ।

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
6 माह
जुर्माना
₹5,000
संज्ञेय
असंज्ञेय
जमानतीय
जमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
  • असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
  • जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

पुराने कानून में

BNS 267IPC 228

228. Intentional insult or interruption to public servant sitting in judicial proceeding.

दोनों पाठों की तुलना करें →

इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।