धारा 118 · खतरनाक हथियारों या साधनों द्वारा जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 122 की उपधारा (1) में दिए गए प्रावधान के अलावा, जो कोई भी स्वेच्छा से किसी तीरंदाजी, छुरा घोंपने या काटने के औजार से, या किसी ऐसे औजार से, जिसका प्रयोग अपराध के हथियार के रूप में मृत्यु का कारण बन सकता है, या आग या किसी गर्म पदार्थ से, या किसी जहर या किसी संक्षारक पदार्थ से, या किसी विस्फोटक पदार्थ से, या किसी ऐसे पदार्थ से, जिसका साँस लेना, निगलना या रक्त में प्रवेश करना मानव शरीर के लिए हानिकारक हो, या किसी जानवर से चोट पहुँचाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए, या बीस हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(2) धारा 122 की उपधारा (2) में दिए गए प्रावधान के अलावा, जो कोई भी उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी साधन से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाता है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(2) धारा 122 की उपधारा (2) में दिए गए प्रावधान के अलावा, जो कोई भी उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी साधन से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाता है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 1 वर्ष
- जुर्माना
- ₹20,000
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 118IPC 324
324. Voluntarily causing hurt by dangerous weapons or means.
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