धारा 103 · हत्या का दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई हत्या करेगा उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(2) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्तियों का कोई समूह जाति, समुदाय, लिंग, जन्म स्थान, भाषा, व्यक्तिगत विश्वास या किसी अन्य समान आधार पर हत्या करता है, तो ऐसे समूह के प्रत्येक सदस्य को मृत्युदंड या आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
(2) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्तियों का कोई समूह जाति, समुदाय, लिंग, जन्म स्थान, भाषा, व्यक्तिगत विश्वास या किसी अन्य समान आधार पर हत्या करता है, तो ऐसे समूह के प्रत्येक सदस्य को मृत्युदंड या आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- मृत्युदंड / आजीवन कारावास
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 103IPC 302
302. Punishment for murder.
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