SEBI Act 24Bअध्याय VII · Miscellaneous
धारा 24B · प्रतिरक्षा प्रदान करने की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [24ख. प्रतिरक्षा प्रदान करने की शक्ति। -- (1) केंद्र सरकार, बोर्ड की सिफारिश पर, यदि केंद्र सरकार संतुष्ट है कि किसी व्यक्ति ने, जिस पर इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या विनियमों के किसी प्रावधान का उल्लंघन करने का आरोप है, कथित उल्लंघन के संबंध में पूर्ण और सत्य खुलासा किया है, तो ऐसे व्यक्ति को, ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जिन्हें वह उचित समझे, इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या विनियमों के तहत किसी अपराध के लिए अभियोजन से या कथित उल्लंघन के संबंध में इस अधिनियम के तहत किसी दंड के अधिरोपण से प्रतिरक्षा प्रदान कर सकती है:
बशर्ते कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई भी छूट उन मामलों में प्रदान नहीं की जाएगी जहां किसी ऐसे अपराध के लिए अभियोजन की कार्यवाही ऐसी छूट प्रदान करने के आवेदन की प्राप्ति की तारीख से पहले शुरू की गई हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के अंतर्गत बोर्ड की सिफारिश केंद्र सरकार पर बाध्यकारी नहीं होगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन किसी व्यक्ति को दी गई छूट केंद्र सरकार द्वारा किसी भी समय वापस ली जा सकती है, यदि वह संतुष्ट हो कि उस व्यक्ति ने कार्यवाही के दौरान उस शर्त का पालन नहीं किया है जिस पर छूट दी गई थी या झूठी गवाही दी है, और इसके बाद उस व्यक्ति पर उस अपराध के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है जिसके संबंध में छूट दी गई थी या किसी अन्य अपराध के लिए जिसमें वह उल्लंघन के संबंध में दोषी प्रतीत होता है और वह इस अधिनियम के तहत किसी भी दंड के लिए भी उत्तरदायी होगा जिसके लिए वह उत्तरदायी होता, यदि उसे ऐसी छूट नहीं दी गई होती।]
बशर्ते कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई भी छूट उन मामलों में प्रदान नहीं की जाएगी जहां किसी ऐसे अपराध के लिए अभियोजन की कार्यवाही ऐसी छूट प्रदान करने के आवेदन की प्राप्ति की तारीख से पहले शुरू की गई हो:
इसके अलावा, इस उपधारा के अंतर्गत बोर्ड की सिफारिश केंद्र सरकार पर बाध्यकारी नहीं होगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन किसी व्यक्ति को दी गई छूट केंद्र सरकार द्वारा किसी भी समय वापस ली जा सकती है, यदि वह संतुष्ट हो कि उस व्यक्ति ने कार्यवाही के दौरान उस शर्त का पालन नहीं किया है जिस पर छूट दी गई थी या झूठी गवाही दी है, और इसके बाद उस व्यक्ति पर उस अपराध के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है जिसके संबंध में छूट दी गई थी या किसी अन्य अपराध के लिए जिसमें वह उल्लंघन के संबंध में दोषी प्रतीत होता है और वह इस अधिनियम के तहत किसी भी दंड के लिए भी उत्तरदायी होगा जिसके लिए वह उत्तरदायी होता, यदि उसे ऐसी छूट नहीं दी गई होती।]
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