SEBI Act 15Tअध्याय VIB · Establishment, Jurisdiction, Authority and Procedure of Appellate Tribunal
धारा 15T · प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [15T. प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण को अपील। -- 2 [(1) उप-धारा (2) में दिए गए प्रावधान के अलावा, कोई भी पीड़ित व्यक्ति,--
(क) प्रतिभूति विधि (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 1999 (32 ऑफ 1999) के प्रारंभ होने के बाद, इस अधिनियम के अंतर्गत, या इसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के अंतर्गत, बोर्ड द्वारा जारी किए गए आदेश द्वारा; या
(ख) किसी निर्णायक अधिकारी द्वारा इस अधिनियम के तहत जारी किए गए आदेश द्वारा; या]
4 [ (सी) बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण या पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के आदेश द्वारा]
वे इस मामले में अधिकार क्षेत्र रखने वाले प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील करना पसंद कर सकते हैं।
5 * * * *
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक अपील उस तिथि से पैंतालीस दिनों की अवधि के भीतर दाखिल की जाएगी जिस तिथि को [बोर्ड या निर्णय अधिकारी [या बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण या पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण] द्वारा पारित आदेश की प्रति, जैसा भी मामला हो,] उसे प्राप्त होती है तथा यह ऐसे प्रपत्र में होगी और इसके साथ ऐसा शुल्क संलग्न होगा जैसा निर्धारित किया जाए:
बशर्ते कि प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण उक्त पैंतालीस दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपील पर विचार कर सकता है, यदि वह संतुष्ट हो कि उस अवधि के भीतर अपील दाखिल न करने का पर्याप्त कारण था।
(4) उपधारा (1) के तहत अपील प्राप्त होने पर, प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण अपील के पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के बाद, अपील के विरुद्ध आदेश की पुष्टि, संशोधन या निरस्त करने के लिए, उस पर ऐसे आदेश पारित कर सकता है जैसा वह उचित समझे।
(5) प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण अपने द्वारा दिए गए प्रत्येक आदेश की एक प्रति अपील के पक्षकारों को भेजेगा। 7 [बोर्ड, 8 [या 9 [या बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण या पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण, जैसा भी मामला हो] तथा संबंधित निर्णय अधिकारी को।
(6) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष दायर अपील पर यथाशीघ्र कार्रवाई की जाएगी और अपील प्राप्त होने की तिथि से छह महीने के भीतर अपील का अंतिम निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।]
(क) प्रतिभूति विधि (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 1999 (32 ऑफ 1999) के प्रारंभ होने के बाद, इस अधिनियम के अंतर्गत, या इसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के अंतर्गत, बोर्ड द्वारा जारी किए गए आदेश द्वारा; या
(ख) किसी निर्णायक अधिकारी द्वारा इस अधिनियम के तहत जारी किए गए आदेश द्वारा; या]
4 [ (सी) बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण या पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के आदेश द्वारा]
वे इस मामले में अधिकार क्षेत्र रखने वाले प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील करना पसंद कर सकते हैं।
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(3) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक अपील उस तिथि से पैंतालीस दिनों की अवधि के भीतर दाखिल की जाएगी जिस तिथि को [बोर्ड या निर्णय अधिकारी [या बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण या पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण] द्वारा पारित आदेश की प्रति, जैसा भी मामला हो,] उसे प्राप्त होती है तथा यह ऐसे प्रपत्र में होगी और इसके साथ ऐसा शुल्क संलग्न होगा जैसा निर्धारित किया जाए:
बशर्ते कि प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण उक्त पैंतालीस दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपील पर विचार कर सकता है, यदि वह संतुष्ट हो कि उस अवधि के भीतर अपील दाखिल न करने का पर्याप्त कारण था।
(4) उपधारा (1) के तहत अपील प्राप्त होने पर, प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण अपील के पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के बाद, अपील के विरुद्ध आदेश की पुष्टि, संशोधन या निरस्त करने के लिए, उस पर ऐसे आदेश पारित कर सकता है जैसा वह उचित समझे।
(5) प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण अपने द्वारा दिए गए प्रत्येक आदेश की एक प्रति अपील के पक्षकारों को भेजेगा। 7 [बोर्ड, 8 [या 9 [या बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण या पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण, जैसा भी मामला हो] तथा संबंधित निर्णय अधिकारी को।
(6) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष दायर अपील पर यथाशीघ्र कार्रवाई की जाएगी और अपील प्राप्त होने की तिथि से छह महीने के भीतर अपील का अंतिम निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।]
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