NNMC Act 6अध्याय II · National Nursing and Midwifery Commission.
धारा 6 · राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल और सेवा की शर्तें।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 4 के खंड (i), (j), (k) और (l) में निर्दिष्ट राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष, सचिव और सदस्य, अपने पद ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम चार वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेंगे, जैसा कि केंद्र सरकार इस संबंध में अधिसूचित कर सकती है, और वे किसी भी विस्तार या पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे।
(2) आवेदन की तिथि को पैंसठ वर्ष की आयु पूरी कर चुके व्यक्ति राष्ट्रीय आयोग के सदस्य के पद के लिए पात्र नहीं होंगे।
(3) किसी पदेन सदस्य का कार्यकाल तब तक जारी रहेगा जब तक वह सदस्य उस पद पर बना रहता है जिसके कारण वह सदस्य है।
(4) जहाँ धारा 4 के खंड (i) या खंड (j) या खंड (k) या खंड (l) के अधीन राष्ट्रीय आयोग में नियुक्त कोई सदस्य राष्ट्रीय आयोग की लगातार तीन साधारण बैठकों से अनुपस्थित रहता है और राष्ट्रीय आयोग की राय में ऐसी अनुपस्थिति का कारण किसी वैध कारण से नहीं है, तो ऐसे सदस्य को सीट खाली माना जाएगा।
(5) राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष और धारा 4 के खंड (i), (j), (k) और (l) में निर्दिष्ट राष्ट्रीय आयोग के सदस्य ऐसे वेतन या यात्रा एवं अन्य भत्ते प्राप्त करेंगे, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(6) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, धारा 4 के खंड (i), (j), (k) और (l) में निर्दिष्ट राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष या सदस्य---
(क) केंद्र सरकार को कम से कम तीन महीने का लिखित नोटिस देकर अपने पद का त्याग कर दे; या
(ख) धारा 7 के प्रावधानों के अनुसार उसे उसके पद से हटाया जा सकता है:
बशर्ते कि यदि केंद्र सरकार ऐसा निर्णय लेती है, तो ऐसे व्यक्ति को तीन महीने से पहले कर्तव्यों से मुक्त किया जा सकता है या उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने तक तीन महीने से अधिक समय तक कार्य जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है।
(7) राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य अपने पद ग्रहण करते समय और पद छोड़ते समय अपनी संपत्ति और देनदारियों की घोषणा करेंगे तथा अपने व्यावसायिक और वाणिज्यिक जुड़ाव या संलिप्तता की घोषणा भी निर्धारित प्रपत्र और तरीके से करेंगे तथा उक्त घोषणा राष्ट्रीय आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
(8) धारा 4 के खंड (i), (j), (k) और (l) में निर्दिष्ट राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष या सदस्य, अपने पद से हटने के बाद, ऐसे पद से हटने की तिथि से दो वर्ष की अवधि तक किसी भी निजी नर्सिंग एवं प्रसूति संस्थान में, जिसके मामले का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे अध्यक्ष या सदस्य द्वारा निपटारा किया गया हो, किसी भी प्रकार का रोजगार, जिसमें सलाहकार या विशेषज्ञ का पद भी शामिल है, स्वीकार नहीं करेंगे।
बशर्ते कि इसमें निहित कोई भी बात ऐसे व्यक्ति को केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित या अनुरक्षित किसी निकाय या संस्था, जिसमें नर्सिंग और प्रसूति संस्था भी शामिल है, में रोजगार स्वीकार करने से नहीं रोकेगी:
इसके अलावा, इसमें निहित कोई भी बात केंद्र सरकार को राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को किसी भी निजी नर्सिंग एवं प्रसूति संस्थान में सलाहकार या विशेषज्ञ सहित किसी भी क्षमता में कोई भी रोजगार स्वीकार करने की अनुमति देने से नहीं रोकेगी, जिसके मामले से संबंधित मामलों को ऐसे अध्यक्ष या सदस्य ने निपटाया हो।
(2) आवेदन की तिथि को पैंसठ वर्ष की आयु पूरी कर चुके व्यक्ति राष्ट्रीय आयोग के सदस्य के पद के लिए पात्र नहीं होंगे।
(3) किसी पदेन सदस्य का कार्यकाल तब तक जारी रहेगा जब तक वह सदस्य उस पद पर बना रहता है जिसके कारण वह सदस्य है।
(4) जहाँ धारा 4 के खंड (i) या खंड (j) या खंड (k) या खंड (l) के अधीन राष्ट्रीय आयोग में नियुक्त कोई सदस्य राष्ट्रीय आयोग की लगातार तीन साधारण बैठकों से अनुपस्थित रहता है और राष्ट्रीय आयोग की राय में ऐसी अनुपस्थिति का कारण किसी वैध कारण से नहीं है, तो ऐसे सदस्य को सीट खाली माना जाएगा।
(5) राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष और धारा 4 के खंड (i), (j), (k) और (l) में निर्दिष्ट राष्ट्रीय आयोग के सदस्य ऐसे वेतन या यात्रा एवं अन्य भत्ते प्राप्त करेंगे, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(6) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, धारा 4 के खंड (i), (j), (k) और (l) में निर्दिष्ट राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष या सदस्य---
(क) केंद्र सरकार को कम से कम तीन महीने का लिखित नोटिस देकर अपने पद का त्याग कर दे; या
(ख) धारा 7 के प्रावधानों के अनुसार उसे उसके पद से हटाया जा सकता है:
बशर्ते कि यदि केंद्र सरकार ऐसा निर्णय लेती है, तो ऐसे व्यक्ति को तीन महीने से पहले कर्तव्यों से मुक्त किया जा सकता है या उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने तक तीन महीने से अधिक समय तक कार्य जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है।
(7) राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य अपने पद ग्रहण करते समय और पद छोड़ते समय अपनी संपत्ति और देनदारियों की घोषणा करेंगे तथा अपने व्यावसायिक और वाणिज्यिक जुड़ाव या संलिप्तता की घोषणा भी निर्धारित प्रपत्र और तरीके से करेंगे तथा उक्त घोषणा राष्ट्रीय आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
(8) धारा 4 के खंड (i), (j), (k) और (l) में निर्दिष्ट राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष या सदस्य, अपने पद से हटने के बाद, ऐसे पद से हटने की तिथि से दो वर्ष की अवधि तक किसी भी निजी नर्सिंग एवं प्रसूति संस्थान में, जिसके मामले का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे अध्यक्ष या सदस्य द्वारा निपटारा किया गया हो, किसी भी प्रकार का रोजगार, जिसमें सलाहकार या विशेषज्ञ का पद भी शामिल है, स्वीकार नहीं करेंगे।
बशर्ते कि इसमें निहित कोई भी बात ऐसे व्यक्ति को केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित या अनुरक्षित किसी निकाय या संस्था, जिसमें नर्सिंग और प्रसूति संस्था भी शामिल है, में रोजगार स्वीकार करने से नहीं रोकेगी:
इसके अलावा, इसमें निहित कोई भी बात केंद्र सरकार को राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को किसी भी निजी नर्सिंग एवं प्रसूति संस्थान में सलाहकार या विशेषज्ञ सहित किसी भी क्षमता में कोई भी रोजगार स्वीकार करने की अनुमति देने से नहीं रोकेगी, जिसके मामले से संबंधित मामलों को ऐसे अध्यक्ष या सदस्य ने निपटाया हो।
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