NNMC Act 18अध्याय III · Autonomous Boards
धारा 18 · नर्सिंग और मिडवाइफरी स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा बोर्ड की शक्तियां एवं कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) नर्सिंग एवं मिडवाइफरी स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा बोर्ड निम्नलिखित कार्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात्:--
(क) स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर नर्सिंग और दाईगीरी शिक्षा और परीक्षा की न्यूनतम आवश्यकताओं और मानकों को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से निर्धारित करना और उससे संबंधित सभी पहलुओं की देखरेख करना;
(ख) स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने, नर्सिंग और दाईगिरी की शिक्षा देने और अनुसंधान करने के लिए उपयुक्त कौशल, ज्ञान, दृष्टिकोण, मूल्यों और नैतिकता को विकसित करने के उद्देश्य से, विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर गतिशील योग्यता आधारित पाठ्यक्रम विकसित करना।
बशर्ते कि योग्यताएं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुरूप हों, ताकि विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स में देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके और इष्टतम स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली सुनिश्चित की जा सके;
(ग) नर्सिंग और प्रसूति विज्ञान में स्नातक स्तर और स्नातकोत्तर स्तर पर योग्यताएं निर्धारित करना तथा ऐसे अन्य विवरण निर्धारित करना, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(घ) देश की आवश्यकताओं और वैश्विक मानदंडों को ध्यान में रखते हुए, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए नर्सिंग और मिडवाइफरी संस्थानों की स्थापना के लिए मानक निर्धारित करना, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ई) स्नातक और स्नातकोत्तर नर्सिंग एवं दाई शिक्षा प्रदान करने वाले नर्सिंग एवं दाई संस्थानों में बुनियादी ढांचे, संकाय और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए मानक एवं मानदंड निर्धारित करना, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(f) स्नातक, नर्सिंग और दाईगीरी शिक्षा से संबंधित शिक्षण, अनुसंधान के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रमों के लिए संकाय सदस्यों के विकास और प्रशिक्षण को सुविधाजनक बनाना;
(जी) नर्सिंग और मिडवाइफरी संस्थानों द्वारा अनिवार्य वार्षिक खुलासे, नैदानिक सुविधाओं, संकाय, डिजिटल रूप से या अन्यथा, के लिए मानदंड निर्दिष्ट करना, उनके कार्यों के संबंध में जो छात्रों, संकाय, राज्य आयोगों, राष्ट्रीय आयोग और केंद्र सरकार सहित सभी हितधारकों के हितों पर असर डालता है;
(h) पंजीकृत नर्सिंग और मिडवाइफरी पेशेवरों, जिनमें नर्स प्रैक्टिशनर, नर्सिंग एसोसिएट और मिडवाइफरी एसोसिएट शामिल हैं, जिन्होंने नर्सिंग और मिडवाइफरी स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदान की गई नर्सिंग और मिडवाइफरी योग्यता प्राप्त की है, के अभ्यास के मानकों और दायरे को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से विनियमित करना; और
(i) राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के परामर्श से, सभी विशिष्टताओं में नर्स प्रैक्टिशनरों के लिए सीमित नुस्खे देने के अधिकार को विनियमित करना, जिन्होंने आवश्यक नर्सिंग और मिडवाइफरी योग्यता प्राप्त कर ली है और नर्सिंग और मिडवाइफरी स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं, ऐसे तरीके से जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(2) नर्सिंग एवं दाईगिरी स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा बोर्ड अपने कर्तव्यों के निर्वहन में राष्ट्रीय आयोग को ऐसी अनुशंसाएँ करेगा और उससे ऐसे निर्देश मांगेगा, जिन्हें वह आवश्यक समझे।
(क) स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर नर्सिंग और दाईगीरी शिक्षा और परीक्षा की न्यूनतम आवश्यकताओं और मानकों को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से निर्धारित करना और उससे संबंधित सभी पहलुओं की देखरेख करना;
(ख) स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने, नर्सिंग और दाईगिरी की शिक्षा देने और अनुसंधान करने के लिए उपयुक्त कौशल, ज्ञान, दृष्टिकोण, मूल्यों और नैतिकता को विकसित करने के उद्देश्य से, विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर गतिशील योग्यता आधारित पाठ्यक्रम विकसित करना।
बशर्ते कि योग्यताएं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुरूप हों, ताकि विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स में देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके और इष्टतम स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली सुनिश्चित की जा सके;
(ग) नर्सिंग और प्रसूति विज्ञान में स्नातक स्तर और स्नातकोत्तर स्तर पर योग्यताएं निर्धारित करना तथा ऐसे अन्य विवरण निर्धारित करना, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(घ) देश की आवश्यकताओं और वैश्विक मानदंडों को ध्यान में रखते हुए, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए नर्सिंग और मिडवाइफरी संस्थानों की स्थापना के लिए मानक निर्धारित करना, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ई) स्नातक और स्नातकोत्तर नर्सिंग एवं दाई शिक्षा प्रदान करने वाले नर्सिंग एवं दाई संस्थानों में बुनियादी ढांचे, संकाय और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए मानक एवं मानदंड निर्धारित करना, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(f) स्नातक, नर्सिंग और दाईगीरी शिक्षा से संबंधित शिक्षण, अनुसंधान के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रमों के लिए संकाय सदस्यों के विकास और प्रशिक्षण को सुविधाजनक बनाना;
(जी) नर्सिंग और मिडवाइफरी संस्थानों द्वारा अनिवार्य वार्षिक खुलासे, नैदानिक सुविधाओं, संकाय, डिजिटल रूप से या अन्यथा, के लिए मानदंड निर्दिष्ट करना, उनके कार्यों के संबंध में जो छात्रों, संकाय, राज्य आयोगों, राष्ट्रीय आयोग और केंद्र सरकार सहित सभी हितधारकों के हितों पर असर डालता है;
(h) पंजीकृत नर्सिंग और मिडवाइफरी पेशेवरों, जिनमें नर्स प्रैक्टिशनर, नर्सिंग एसोसिएट और मिडवाइफरी एसोसिएट शामिल हैं, जिन्होंने नर्सिंग और मिडवाइफरी स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदान की गई नर्सिंग और मिडवाइफरी योग्यता प्राप्त की है, के अभ्यास के मानकों और दायरे को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से विनियमित करना; और
(i) राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के परामर्श से, सभी विशिष्टताओं में नर्स प्रैक्टिशनरों के लिए सीमित नुस्खे देने के अधिकार को विनियमित करना, जिन्होंने आवश्यक नर्सिंग और मिडवाइफरी योग्यता प्राप्त कर ली है और नर्सिंग और मिडवाइफरी स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं, ऐसे तरीके से जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(2) नर्सिंग एवं दाईगिरी स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा बोर्ड अपने कर्तव्यों के निर्वहन में राष्ट्रीय आयोग को ऐसी अनुशंसाएँ करेगा और उससे ऐसे निर्देश मांगेगा, जिन्हें वह आवश्यक समझे।
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