NNMC Act 26अध्याय V · Registration
धारा 26 · प्रैक्टिस करने का लाइसेंस प्राप्त करने और नर्सिंग एवं दाईगीरी पेशेवरों के लिए राष्ट्रीय रजिस्टर या राज्य रजिस्टर में नामांकित होने के लिए व्यक्तियों के अधिकार और उनसे संबंधित उनके दायित्व।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) मान्यता प्राप्त नर्सिंग एवं दाईगिरी योग्यता रखने वाले किसी भी व्यक्ति का नाम और योग्यताएं राष्ट्रीय रजिस्टर या राज्य रजिस्टर में, जैसा भी मामला हो, नर्सिंग एवं दाईगिरी पेशेवरों के लिए दर्ज की जाएंगी, और उन्हें नियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से और ऐसी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अभ्यास करने का लाइसेंस प्रदान किया जाएगा:
बशर्ते कि कोई व्यक्ति, जो इस अधिनियम के लागू होने से पहले भारतीय नर्सिंग परिषद अधिनियम, 1947 (48 ऑफ 1947) के तहत अनुरक्षित नर्स रजिस्टर में पंजीकृत है, उसे इस अधिनियम के तहत पंजीकृत माना जाएगा और इस अधिनियम के तहत अनुरक्षित राष्ट्रीय रजिस्टर या नर्सिंग एवं प्रसूति पेशेवरों के लिए राज्य रजिस्टर में नामांकित माना जाएगा।
(2) भारत का कोई नागरिक, जिसने भारत के बाहर किसी देश में स्थापित नर्सिंग एवं मिडवाइफरी संस्थान से धारा 29 या धारा 32 के तहत मान्यता प्राप्त नर्सिंग एवं मिडवाइफरी योग्यता प्राप्त की है, इस अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए ऐसे तरीके से पात्र होगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(3) जब कोई व्यक्ति, जिसका नाम राष्ट्रीय रजिस्टर या किसी राज्य रजिस्टर में दर्ज है, नर्सिंग विज्ञान या सार्वजनिक स्वास्थ्य नर्सिंग में प्रवीणता के लिए कोई उपाधि, डिप्लोमा या अन्य योग्यता प्राप्त करता है, जो धारा 28 या धारा 29 के तहत मान्यता प्राप्त नर्सिंग और प्रसूति योग्यता है, तो वह राष्ट्रीय रजिस्टर या उसी राज्य रजिस्टर में, जैसा भी मामला हो, अपने नाम के सामने ऐसी उपाधि, डिप्लोमा या योग्यता दर्ज कराने का हकदार होगा, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(4) इस धारा के अधीन प्रदान किया गया पंजीकरण और लाइसेंस विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से नवीनीकृत किया जाएगा।
बशर्ते कि कोई व्यक्ति, जो इस अधिनियम के लागू होने से पहले भारतीय नर्सिंग परिषद अधिनियम, 1947 (48 ऑफ 1947) के तहत अनुरक्षित नर्स रजिस्टर में पंजीकृत है, उसे इस अधिनियम के तहत पंजीकृत माना जाएगा और इस अधिनियम के तहत अनुरक्षित राष्ट्रीय रजिस्टर या नर्सिंग एवं प्रसूति पेशेवरों के लिए राज्य रजिस्टर में नामांकित माना जाएगा।
(2) भारत का कोई नागरिक, जिसने भारत के बाहर किसी देश में स्थापित नर्सिंग एवं मिडवाइफरी संस्थान से धारा 29 या धारा 32 के तहत मान्यता प्राप्त नर्सिंग एवं मिडवाइफरी योग्यता प्राप्त की है, इस अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए ऐसे तरीके से पात्र होगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(3) जब कोई व्यक्ति, जिसका नाम राष्ट्रीय रजिस्टर या किसी राज्य रजिस्टर में दर्ज है, नर्सिंग विज्ञान या सार्वजनिक स्वास्थ्य नर्सिंग में प्रवीणता के लिए कोई उपाधि, डिप्लोमा या अन्य योग्यता प्राप्त करता है, जो धारा 28 या धारा 29 के तहत मान्यता प्राप्त नर्सिंग और प्रसूति योग्यता है, तो वह राष्ट्रीय रजिस्टर या उसी राज्य रजिस्टर में, जैसा भी मामला हो, अपने नाम के सामने ऐसी उपाधि, डिप्लोमा या योग्यता दर्ज कराने का हकदार होगा, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(4) इस धारा के अधीन प्रदान किया गया पंजीकरण और लाइसेंस विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से नवीनीकृत किया जाएगा।
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