NNMC Act 56अध्याय IX · Miscellaneous
धारा 56 · निरसन और बचत।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में नियुक्त तिथि से भारतीय नर्सिंग परिषद अधिनियम, 1947 (48 ऑफ 1947) निरस्त हो जाएगा और उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत गठित भारतीय नर्सिंग परिषद भंग हो जाएगी।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिनियम के निरस्त होने के बावजूद, यह निम्नलिखित पर प्रभाव नहीं डालेगा:--
(क) निरस्त किए गए अधिनियम का पूर्व संचालन या उसके अधीन विधिवत किया गया कोई कार्य या सहन किया गया कोई कार्य; या
(ख) निरस्त किए गए अधिनियम के अधीन अर्जित, उपार्जित या उत्पन्न कोई अधिकार, विशेषाधिकार, दायित्व या देनदारी; या
(ग) निरस्त किए गए अधिनियम के तहत किसी उल्लंघन के संबंध में लगाया गया कोई जुर्माना; या
(घ) उपर्युक्त किसी अधिकार, विशेषाधिकार, दायित्व, देनदारी, दंड के संबंध में कोई कार्यवाही या उपाय शुरू किया जा सकता है, जारी रखा जा सकता है या लागू किया जा सकता है, और ऐसा कोई दंड लगाया जा सकता है मानो वह अधिनियम निरस्त नहीं किया गया हो।
(3) भारतीय नर्सिंग परिषद के विघटन पर, अध्यक्ष के रूप में नियुक्त व्यक्ति और भारतीय नर्सिंग परिषद के सदस्य के रूप में नियुक्त प्रत्येक अन्य व्यक्ति अपने-अपने पद खाली कर देंगे और ऐसे अध्यक्ष और अन्य सदस्य अपने कार्यकाल की असमय समाप्ति के लिए नब्बे दिनों से अधिक की अवधि के लिए मुआवजे, शुल्क और भत्ते का दावा करने के हकदार होंगे।
(4) भारतीय नर्सिंग परिषद में प्रतिनियुक्ति आधार पर नियुक्त प्रत्येक अधिकारी, इसके विघटन पर, अपने मूल कैडर, मंत्रालय या विभाग में वापस आ जाएगा, जैसा भी मामला हो।
(5) भारतीय नर्सिंग परिषद के विघटन से पहले भारतीय नर्सिंग परिषद द्वारा नियमित आधार पर नियोजित अन्य कर्मचारियों की सेवाएं इस अधिनियम के लागू होने के बाद एक वर्ष से अधिक समय तक अंतरिम व्यवस्था के रूप में जारी नहीं रहेंगी और उसके बाद, उनकी सेवाओं की आगे की निरंतरता या अन्यथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा उनके प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
बशर्ते कि पूर्ववर्ती भारतीय नर्सिंग परिषद के ऐसे कर्मचारी मुआवजे के हकदार होंगे जो निर्धारित अनुसार तीन महीने के वेतन और भत्तों से कम नहीं होगा।
(6) भारतीय नर्सिंग परिषद अधिनियम, 1947 (48 ऑफ 1947) के निरस्त होने के बावजूद, उक्त अधिनियम के तहत जारी किया गया कोई भी आदेश, अभ्यास के लिए जारी किया गया कोई भी लाइसेंस, किया गया कोई भी पंजीकरण, किसी नए नर्सिंग कॉलेज या संस्थान को शुरू करने की अनुमति, या उच्च पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति, या प्रवेश क्षमता में वृद्धि के लिए दी गई अनुमति, या नर्सिंग योग्यता की दी गई कोई भी मान्यता, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को लागू हैं, सभी प्रयोजनों के लिए उनकी समाप्ति तिथि तक लागू रहेंगी, मानो वे इस अधिनियम या उसके तहत बनाए गए नियमों या विनियमों के प्रावधानों के तहत जारी या प्रदान की गई हों।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिनियम के निरस्त होने के बावजूद, यह निम्नलिखित पर प्रभाव नहीं डालेगा:--
(क) निरस्त किए गए अधिनियम का पूर्व संचालन या उसके अधीन विधिवत किया गया कोई कार्य या सहन किया गया कोई कार्य; या
(ख) निरस्त किए गए अधिनियम के अधीन अर्जित, उपार्जित या उत्पन्न कोई अधिकार, विशेषाधिकार, दायित्व या देनदारी; या
(ग) निरस्त किए गए अधिनियम के तहत किसी उल्लंघन के संबंध में लगाया गया कोई जुर्माना; या
(घ) उपर्युक्त किसी अधिकार, विशेषाधिकार, दायित्व, देनदारी, दंड के संबंध में कोई कार्यवाही या उपाय शुरू किया जा सकता है, जारी रखा जा सकता है या लागू किया जा सकता है, और ऐसा कोई दंड लगाया जा सकता है मानो वह अधिनियम निरस्त नहीं किया गया हो।
(3) भारतीय नर्सिंग परिषद के विघटन पर, अध्यक्ष के रूप में नियुक्त व्यक्ति और भारतीय नर्सिंग परिषद के सदस्य के रूप में नियुक्त प्रत्येक अन्य व्यक्ति अपने-अपने पद खाली कर देंगे और ऐसे अध्यक्ष और अन्य सदस्य अपने कार्यकाल की असमय समाप्ति के लिए नब्बे दिनों से अधिक की अवधि के लिए मुआवजे, शुल्क और भत्ते का दावा करने के हकदार होंगे।
(4) भारतीय नर्सिंग परिषद में प्रतिनियुक्ति आधार पर नियुक्त प्रत्येक अधिकारी, इसके विघटन पर, अपने मूल कैडर, मंत्रालय या विभाग में वापस आ जाएगा, जैसा भी मामला हो।
(5) भारतीय नर्सिंग परिषद के विघटन से पहले भारतीय नर्सिंग परिषद द्वारा नियमित आधार पर नियोजित अन्य कर्मचारियों की सेवाएं इस अधिनियम के लागू होने के बाद एक वर्ष से अधिक समय तक अंतरिम व्यवस्था के रूप में जारी नहीं रहेंगी और उसके बाद, उनकी सेवाओं की आगे की निरंतरता या अन्यथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा उनके प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
बशर्ते कि पूर्ववर्ती भारतीय नर्सिंग परिषद के ऐसे कर्मचारी मुआवजे के हकदार होंगे जो निर्धारित अनुसार तीन महीने के वेतन और भत्तों से कम नहीं होगा।
(6) भारतीय नर्सिंग परिषद अधिनियम, 1947 (48 ऑफ 1947) के निरस्त होने के बावजूद, उक्त अधिनियम के तहत जारी किया गया कोई भी आदेश, अभ्यास के लिए जारी किया गया कोई भी लाइसेंस, किया गया कोई भी पंजीकरण, किसी नए नर्सिंग कॉलेज या संस्थान को शुरू करने की अनुमति, या उच्च पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति, या प्रवेश क्षमता में वृद्धि के लिए दी गई अनुमति, या नर्सिंग योग्यता की दी गई कोई भी मान्यता, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को लागू हैं, सभी प्रयोजनों के लिए उनकी समाप्ति तिथि तक लागू रहेंगी, मानो वे इस अधिनियम या उसके तहत बनाए गए नियमों या विनियमों के प्रावधानों के तहत जारी या प्रदान की गई हों।
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