IPC 295अध्याय XV · Of Offencesrelating to Religionअब BNS 298

धारा 295 · धारा 295 - किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को क्षति करना या अपवित्र करना

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
2 वर्ष
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
संज्ञेय
जमानतीय
अजमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
कोई भी मजिस्ट्रेट
  • संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
  • अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 295BNS 298

298. Injuring or defiling place of worship with intent to insult religion of any class.

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