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धारा 293 - तरुण व्यक्ति को अश्लील वस्तुओ का विक्रय आदि
तरुण व्यक्ति को अश्लील वस्तुओ का विक्रय आदि जो कोई बीस वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति को कोई ऐसी अश्लील वस्तु, जो अनतिम पूर्वगामी धारा में निर्दिष्ट है, बेचेगा, भाड़े पर देगा, वितरण करेगा, प्रदर्शित करेगा या परिचालित करेगा या ऐसा करने की प्रस्थापना या प्रयत्न करेगा 1[प्रथम दोषसिद्धि पर दोनों में से किसी भांति के…
पूरा पढ़ेंधारा 295. बालक को अश्लील वस्तुओं का विक्रय, आदि ।
295. जो कोई, किसी बालक को कोई ऐसी अश्लील वस्तु, जो धारा 294 में निर्दिष्ट है, बेचेगा, भाड़े पर देगा, वितरण करेगा, प्रदर्शित करेगा या परिचालित करेगा या ऐसा करने की प्रस्थापना या प्रयत्न करेगा प्रथम दोषसिद्ध पर दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक…
पूरा पढ़ेंधारा 295 - किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को क्षति करना या अपवित्र करना
किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को क्षति करना या अपवित्र करना जो कोई किसी उपासना स्थान को या व्यक्तियों के किसी वर्ग द्वारा पवित्र मानी गई किसी वस्तु को नष्ट, नुकसानग्रस्त या अपवित्र इस आशय से करेगा कि किसी वर्ग के धर्म का तद्द्वारा अपमान किया जाए या यह सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि व्यक्तियों…
पूरा पढ़ेंकिसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना।
जो कोई भी किसी पूजा स्थल या किसी भी वर्ग के लोगों द्वारा पवित्र माने जाने वाली किसी वस्तु को किसी भी वर्ग के लोगों के धर्म का अपमान करने के इरादे से या इस ज्ञान के साथ नष्ट करता है, क्षति पहुँचाता है या अपवित्र करता है कि किसी भी वर्ग के लोग ऐसे विनाश, क्षति या अपवित्रता को अपने धर्म का अपमान मानेंगे, तो उसे किसी भी…
पूरा पढ़ेंधारा 295A - विमर्शित और विद्वेषपूर्ण कार्य जो किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किए गए हों
विमर्शित और विद्वेषपूर्ण कार्य जो किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किए गए हों जो कोई भारत के नागरिकों के किसी वर्ग की धार्मिक भावनओं को आहत करने के विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान उच्चारित या लिखित शब्दों…
पूरा पढ़ेंकिसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिनमें उनके धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना शामिल है।
जो कोई भी जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से भारत के किसी भी वर्ग के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से, बोले गए या लिखे गए शब्दों द्वारा, संकेतों द्वारा, दृश्य प्रस्तुतियों द्वारा, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों द्वारा या किसी अन्य माध्यम से, उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करता है या…
पूरा पढ़ें- IPC §293BNS §295
धारा 293 - तरुण व्यक्ति को अश्लील वस्तुओ का विक्रय आदि
धारा 295. बालक को अश्लील वस्तुओं का विक्रय, आदि ।
- IPC §295BNS §298
धारा 295 - किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को क्षति करना या अपवित्र करना
किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना।
- IPC §295ABNS §299
धारा 295A - विमर्शित और विद्वेषपूर्ण कार्य जो किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किए गए हों
किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिनमें उनके धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना शामिल है।
