धारा 217 · धारा 217 - लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के समपहरण से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी संपत्ति के समपहरण से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा
जो कोई लोक सेवक होते हुए विधि के ऐसे किसी निदेश की, जो उस संबंध में हो कि उससे ऐसे लोक सेवक के नाते किस ढंग का आचरण करना चाहिए, जानते हुए अवज्ञा किसी व्यक्ति को वैध दंड से बचाने के आशय से या संभाव्यतः तद्द्वारा बचाएगा यह जानते हुए अथवा उससे दंड की अपेक्षा, जिससे वह दंडनीय है, तद्द्वारा कम दंड दिलवाएगा या संभाव्य जानते हुए अथवा किसी संपत्ति को ऐसे समपहरण या किसी भार से, जिसके लिए वह संपत्ति विधि के द्वारा दायित्व के अधीन है बचाने के आशय से या संभाव्यतः तद्द्वारा बचाएगा यह जानते हुए करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
जो कोई लोक सेवक होते हुए विधि के ऐसे किसी निदेश की, जो उस संबंध में हो कि उससे ऐसे लोक सेवक के नाते किस ढंग का आचरण करना चाहिए, जानते हुए अवज्ञा किसी व्यक्ति को वैध दंड से बचाने के आशय से या संभाव्यतः तद्द्वारा बचाएगा यह जानते हुए अथवा उससे दंड की अपेक्षा, जिससे वह दंडनीय है, तद्द्वारा कम दंड दिलवाएगा या संभाव्य जानते हुए अथवा किसी संपत्ति को ऐसे समपहरण या किसी भार से, जिसके लिए वह संपत्ति विधि के द्वारा दायित्व के अधीन है बचाने के आशय से या संभाव्यतः तद्द्वारा बचाएगा यह जानते हुए करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 2 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
नए कानून में
IPC 217BNS 255
255. Public servant disobeying direction of law with intent to save person from punishment or property from forfeiture.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
