IPC 466अध्याय XVIII · Of Offences Relating to Documents and to Property Marksअब BNS 337

धारा 466 · धारा 466 - न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
7 वर्ष
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
असंज्ञेय
जमानतीय
अजमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
  • असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
  • अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 466BNS 337

337. Forgery of record of Court or of public register, etc.

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इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

संबंधित कानूनी धाराएँ

इस धारा में हुए बदलाव

कौन-सा कानून लागू होगा, यह अपराध की तारीख से तय होता है — इसलिए यह समयरेखा मायने रखती है।

  1. 2000जोड़ा गयाप्रभावी तिथि:

    किस उपबंध से: Act 21 of 2000

    With effect from 17-10-2000.

  2. 2000प्रतिस्थापितप्रभावी तिथि:

    किस उपबंध से: Act 21 of 2000

    With effect from 17-10-2000.

अपराध की तारीख पर जो पाठ लागू था, वही लागू होगा — बाद का संशोधन पिछले अपराध पर लागू नहीं होता।