धारा 376C · धारा 376C - जेल, प्रतिप्रेषण गॄह आदि के अधीक्षक द्वारा संभोग
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जेल, प्रतिप्रेषण गॄह आदि के अधीक्षक द्वारा संभोग
जो कोई किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या अभिरक्षा के ऐसे अन्य स्थान का जो तत्समय प्रवॄत्त किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित किया गया है या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था का अधीक्षक या प्रबन्धक होते हुए अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था की किसी स्त्री निवासी को, ऐसा मैथुन करने के लिए जो बलात्संग के अपराध की कोटि में नहीं आता है, उत्प्रेरित या विलुब्ध करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
स्पष्टीकरण 1 - किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या अभिरक्षा के किसी अन्य स्थान या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था के सम्बन्ध में, “अधीक्षक” के अन्तर्गत कोई ऐसा व्यक्ति भी है जो ऐसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था में ऐसा कोई पद धारण करता है, जिसके आधार पर वह उसके निवासियों पर किसी प्राधिकार या नियंत्रण का प्रयोग कर सकता है ।
स्पष्टीकरण 2 - “स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था” पद का वही अर्थ है जो धारा 376 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 2 में उसका है ।
जो कोई किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या अभिरक्षा के ऐसे अन्य स्थान का जो तत्समय प्रवॄत्त किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित किया गया है या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था का अधीक्षक या प्रबन्धक होते हुए अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था की किसी स्त्री निवासी को, ऐसा मैथुन करने के लिए जो बलात्संग के अपराध की कोटि में नहीं आता है, उत्प्रेरित या विलुब्ध करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
स्पष्टीकरण 1 - किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या अभिरक्षा के किसी अन्य स्थान या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था के सम्बन्ध में, “अधीक्षक” के अन्तर्गत कोई ऐसा व्यक्ति भी है जो ऐसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था में ऐसा कोई पद धारण करता है, जिसके आधार पर वह उसके निवासियों पर किसी प्राधिकार या नियंत्रण का प्रयोग कर सकता है ।
स्पष्टीकरण 2 - “स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था” पद का वही अर्थ है जो धारा 376 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 2 में उसका है ।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 10 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 5 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
नए कानून में
IPC 376CBNS 68
68. Sexual intercourse by a person in authority.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
