IPC 345अध्याय XVI · Of wrongful restraint and wrongful confinementअब BNS 127(5)

धारा 345 · धारा 345 - ऐसे व्यक्ति का सदोष परिरोध जिसके छोड़ने के लिए रिट निकल चुका है

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
2 वर्ष
संज्ञेय
संज्ञेय
जमानतीय
जमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
  • संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
  • जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 345BNS 127(5)

127(5)

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