IPC 314अध्याय XVI · Of the causing of Miscarriage, of Injuries to unborn Children, of the Exposure of Infants, and of the concealment of Birthsअब BNS 90
धारा 314 · धारा 314 - गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्यों द्वारा कारित मॄत्यु
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्यों द्वारा कारित मॄत्यु
जो कोई गर्भवती स्त्री का गर्भपात कारित करने के आशय से कोई ऐसा कार्य करेगा, जिससे ऐसी स्त्री की मॄत्यु कारित हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
यदि वह कार्य स्त्री की सम्मति के बिना किया जाए - और यदि वह कार्य उस स्त्री की सम्मति के बिना किया जाए, तो वह आजीवन कारावास से, या ऊपर बताए हुए दण्ड से, दण्डित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण - इस अपराध के लिए यह आवश्यक नहीं है कि अपराधी जानता हो कि उस कार्य से मॄत्यु कारित करना सम्भाव्य है ।
जो कोई गर्भवती स्त्री का गर्भपात कारित करने के आशय से कोई ऐसा कार्य करेगा, जिससे ऐसी स्त्री की मॄत्यु कारित हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
यदि वह कार्य स्त्री की सम्मति के बिना किया जाए - और यदि वह कार्य उस स्त्री की सम्मति के बिना किया जाए, तो वह आजीवन कारावास से, या ऊपर बताए हुए दण्ड से, दण्डित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण - इस अपराध के लिए यह आवश्यक नहीं है कि अपराधी जानता हो कि उस कार्य से मॄत्यु कारित करना सम्भाव्य है ।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
नए कानून में
IPC 314BNS 90
90. Death caused by act done with intent to cause miscarriage.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
इस धारा में हुए बदलाव
कौन-सा कानून लागू होगा, यह अपराध की तारीख से तय होता है — इसलिए यह समयरेखा मायने रखती है।
- 1955प्रतिस्थापितप्रभावी तिथि:
किस उपबंध से: Act 26 of 1955, sec. 117 and Sch
With effect from 1-1-1956.
पहले यह पाठ था
transportation for life
अपराध की तारीख पर जो पाठ लागू था, वही लागू होगा — बाद का संशोधन पिछले अपराध पर लागू नहीं होता।
