IPC 477Aअध्याय XVIII · Of Offences Relating to Documents and to Property Marksअब BNS 344

धारा 477A · धारा 477A - लेखा का मिथ्याकरण

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
7 वर्ष
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
असंज्ञेय
जमानतीय
जमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
  • असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
  • जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 477ABNS 344

344. Falsification of accounts.

दोनों पाठों की तुलना करें →

इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

इस धारा में हुए बदलाव

कौन-सा कानून लागू होगा, यह अपराध की तारीख से तय होता है — इसलिए यह समयरेखा मायने रखती है।

  1. 1889प्रतिस्थापितप्रभावी तिथि:

    किस उपबंध से: Act 4 of 1889

    With effect from 25-11-1959.

  2. 1895जोड़ा गया

    किस उपबंध से: Act 3 of 1895

    By 4.

  3. 2000प्रतिस्थापितप्रभावी तिथि:

    किस उपबंध से: Act 21 of 2000

    With effect from 17-10-2000.

    पहले यह पाठ था

    book, paper, writing

अपराध की तारीख पर जो पाठ लागू था, वही लागू होगा — बाद का संशोधन पिछले अपराध पर लागू नहीं होता।