IPC 388अध्याय XVII · Of Extortionअब BNS 308(7)

धारा 388 · धारा 388 - मॄत्यु या आजीवन कारावास, आदि से दंडनीय अपराध का अभियोग लगाने की धमकी देकर उद्दापन

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
मृत्युदंड / आजीवन कारावास
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
संज्ञेय
जमानतीय
जमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
  • संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
  • जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है

इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 388BNS 308(7)

308(7)

दोनों पाठों की तुलना करें →

इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

संबंधित कानूनी धाराएँ

इस धारा में हुए बदलाव

कौन-सा कानून लागू होगा, यह अपराध की तारीख से तय होता है — इसलिए यह समयरेखा मायने रखती है।

  1. 1955प्रतिस्थापितप्रभावी तिथि:

    किस उपबंध से: Act 26 of 1955, sec. 117 and Sch

    With effect from 1-1-1956.

    पहले यह पाठ था

    transportation for life

अपराध की तारीख पर जो पाठ लागू था, वही लागू होगा — बाद का संशोधन पिछले अपराध पर लागू नहीं होता।