धारा 376D · धारा 376D - अस्पताल के प्रबन्ध या कर्मचारिवॄन्द आदि के किसी सदस्य द्वारा उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ संभोग
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अस्पताल के प्रबन्ध या कर्मचारिवॄन्द आदि के किसी सदस्य द्वारा उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ संभोग
जो कोई, किसी अस्पताल के प्रबन्ध में होते हुए या किसी अस्पताल के कर्मचारिवॄन्द में होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर और किसी स्त्री के साथ, जो उस अस्पताल में है, ऐसा मैथुन करेगा जो ब्लात्संग की कोटि में नहीं आता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
स्पष्टीकरण - “अस्पताल” पद का वही अर्थ है जो धारा 376 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 3 में उसका है ।
जो कोई, किसी अस्पताल के प्रबन्ध में होते हुए या किसी अस्पताल के कर्मचारिवॄन्द में होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर और किसी स्त्री के साथ, जो उस अस्पताल में है, ऐसा मैथुन करेगा जो ब्लात्संग की कोटि में नहीं आता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
स्पष्टीकरण - “अस्पताल” पद का वही अर्थ है जो धारा 376 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 3 में उसका है ।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 20 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
नए कानून में
IPC 376DBNS 70(1)
70(1)
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