IPC 276अध्याय XIV · Of Offences Affecting the Public Health, Safety, Convenience, Decencyand Moralsअब BNS 278
धारा 276 · धारा 276 - ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय
जो कोई किसी ओषधि या भेषजीय निर्मिति को, भिन्न औषधि या भेषजीय निर्मिति के तौर पर जानते हुए बेचेगा या बेचने की प्रस्थापना करेगा या बेचने के लिए अभिदर्शित करेगा या औषधीय प्रयोजनों के लिए औषधालय से देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दानों से, दण्डित किया जाएगा ।
जो कोई किसी ओषधि या भेषजीय निर्मिति को, भिन्न औषधि या भेषजीय निर्मिति के तौर पर जानते हुए बेचेगा या बेचने की प्रस्थापना करेगा या बेचने के लिए अभिदर्शित करेगा या औषधीय प्रयोजनों के लिए औषधालय से देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दानों से, दण्डित किया जाएगा ।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 6 माह
- जुर्माना
- ₹1,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
कुछ राज्यों ने इस धारा का वर्गीकरण बदला है। यहाँ केंद्रीय स्थिति दी गई है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
नए कानून में
IPC 276BNS 278
278. Sale of drug as a different drug or preparation.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
