IPC 467अध्याय XVIII · Of Offences Relating to Documents and to Property Marksअब BNS 338

धारा 467 · धारा 467 - मूल्यवान प्रतिभूति, विल, इत्यादि की कूटरचना

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
आजीवन कारावास
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
जमानतीय
अजमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
  • अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 467BNS 338

338. Forgery of valuable security, will, etc.

दोनों पाठों की तुलना करें →

इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

इस धारा में हुए बदलाव

कौन-सा कानून लागू होगा, यह अपराध की तारीख से तय होता है — इसलिए यह समयरेखा मायने रखती है।

  1. 1955प्रतिस्थापितप्रभावी तिथि:

    किस उपबंध से: Act 26 of 1955

    With effect from 1-1-1956.

    पहले यह पाठ था

    transportation for life

अपराध की तारीख पर जो पाठ लागू था, वही लागू होगा — बाद का संशोधन पिछले अपराध पर लागू नहीं होता।