IPC 203अध्याय XI · Of False Evidence and Offences Against Public Justiceअब BNS 240

धारा 203 · धारा 203 - किए गए अपराध के विषय में मिथ्या इत्तिला देना

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
2 वर्ष
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
असंज्ञेय
जमानतीय
जमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
कोई भी मजिस्ट्रेट
  • असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
  • जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है

प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं

नए कानून में

IPC 203BNS 240

240. Giving false information respecting an offence committed.

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इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

संबंधित कानूनी धाराएँ

इस धारा में हुए बदलाव

कौन-सा कानून लागू होगा, यह अपराध की तारीख से तय होता है — इसलिए यह समयरेखा मायने रखती है।

  1. 1894जोड़ा गया

    किस उपबंध से: Act 3 of 1894

अपराध की तारीख पर जो पाठ लागू था, वही लागू होगा — बाद का संशोधन पिछले अपराध पर लागू नहीं होता।