IPC 355अध्याय XVI · Of Criminal Force and Assaultअब BNS 133

धारा 355 · धारा 355 - गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा किसी व्यक्ति का अनादर करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
2 वर्ष
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
असंज्ञेय
जमानतीय
जमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य
विचारण न्यायालय
कोई भी मजिस्ट्रेट
  • असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
  • जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है

कुछ राज्यों ने इस धारा का वर्गीकरण बदला है। यहाँ केंद्रीय स्थिति दी गई है।

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 355BNS 133

133. Assault or criminal force with intent to dishonour person, otherwise than on grave provocation.

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