IPC 194अध्याय XI · Of False Evidence and Offences Against Public Justiceअब BNS 230

धारा 194 · धारा 194 - मॄत्यु से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्धि कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
मृत्युदंड / आजीवन कारावास
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
संज्ञेय
जमानतीय
अजमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
सत्र न्यायालय
  • संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
  • अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है

प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं

नए कानून में

IPC 194BNS 230

230. Giving or fabricating false evidence with intent to procure conviction of capital offence.

दोनों पाठों की तुलना करें →

इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

इस धारा में हुए बदलाव

कौन-सा कानून लागू होगा, यह अपराध की तारीख से तय होता है — इसलिए यह समयरेखा मायने रखती है।

  1. 1948प्रतिस्थापित

    किस उपबंध से: the A.O. 1948

    पहले यह पाठ था

    by the law of British India or England

  2. 1951प्रतिस्थापित

    किस उपबंध से: Act 3 of 1951

    पहले यह पाठ था

    the States

  3. 1955प्रतिस्थापितप्रभावी तिथि:

    किस उपबंध से: Act 26 of 1955

    With effect from 1-1-1956.

    पहले यह पाठ था

    transportation for life

अपराध की तारीख पर जो पाठ लागू था, वही लागू होगा — बाद का संशोधन पिछले अपराध पर लागू नहीं होता।