IPC 332अध्याय XVI · Of Hurtअब BNS 121(1)

धारा 332 · धारा 332 - लोक सेवक अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया उपहति कारित करना

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
3 वर्ष
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
संज्ञेय
जमानतीय
अजमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
  • संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
  • अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 332BNS 121(1)

121(1)

दोनों पाठों की तुलना करें →

इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।