IPC 508अध्याय XXII · Or Criminal Intimidation, Insultand Annoyanceअब BNS 354

धारा 508 · धारा 508 - व्यक्ति को यह विश्वास करने के लिए उत्प्रेरित करके कि वह दैवी अप्रसाद का भाजन होगा कराया गया कार्य

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
1 वर्ष
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
संज्ञेय
असंज्ञेय
जमानतीय
जमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य
विचारण न्यायालय
कोई भी मजिस्ट्रेट
  • असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
  • जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 508BNS 354

354. Act caused by inducing person to believe that he will be rendered an object of Divine displeasure.

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