धारा 237 · धारा 237 - कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात
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कूटकॄत सिक्के का आयात या निर्यात
जो कोई किसी कूटकॄत सिक्के का यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह कूटकॄत है, भारत में आयात करेगा या भारत से निर्यात करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
जो कोई किसी कूटकॄत सिक्के का यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह कूटकॄत है, भारत में आयात करेगा या भारत से निर्यात करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
नए कानून में
IPC 237BNS 179
179. Using as genuine, forged or counterfeit coin, Government stamp, currency-notes or bank-notes.
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