IR Code 89अध्याय XIII · Offences and Penalties
धारा 89 · अपराधों की संरचना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) में किसी बात के होते हुए भी, इस संहिता के अंतर्गत दंडनीय कोई भी अपराध, जो केवल कारावास या कारावास एवं जुर्माने से दंडनीय न हो, अभियुक्त व्यक्ति के आवेदन पर, किसी अभियोग के आरंभ से पहले या बाद में, राजपत्रित अधिकारी द्वारा, जैसा कि उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट करे, केवल जुर्माने से दंडनीय ऐसे अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम जुर्माने के पचास प्रतिशत तथा पचहत्तर प्रतिशत राशि पर समझौता किया जा सकता है।
इस प्रकार के अपराध के लिए एक वर्ष से अधिक की कारावास अवधि या निर्धारित तरीके से जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है:
बशर्ते कि इस प्रकार की राशि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 141 के तहत स्थापित सामाजिक सुरक्षा कोष में जमा की जाएगी।
(2) उपधारा ( 1 ) में निहित कोई भी बात किसी व्यक्ति द्वारा तीन वर्ष की अवधि के भीतर दूसरी बार या उसके बाद किए गए अपराध पर लागू नहीं होगी---
(क) पहले समझौता किए गए समान अपराध के कमीशन का;
(ख) उसी प्रकार का अपराध करने का जिसके लिए ऐसे व्यक्ति को पहले दोषी ठहराया गया था।
(3) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट प्रत्येक अधिकारी, उपयुक्त सरकार के निर्देशन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन रहते हुए, अपराध का समझौता करने की शक्तियों का प्रयोग करेगा।
(4) किसी अपराध के समझौते के लिए प्रत्येक आवेदन ऐसे तरीके से किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(5) जहाँ किसी अभियोग की शुरुआत से पहले किसी अपराध का समझौता हो जाता है, तो उस अपराध के संबंध में उस अपराधी के विरुद्ध कोई अभियोग नहीं चलाया जाएगा जिसके संबंध में अपराध का समझौता हुआ है।
(6) जहाँ किसी अभियोग के अभियोग के आरंभ में किसी अपराध का समझौता किया जाता है, तो उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा लिखित रूप में धारा 85 की उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त निर्णय अधिकारी को, जिसके समक्ष अभियोग लंबित है, ऐसे समझौते की सूचना दी जाएगी और अपराध के समझौते की सूचना दिए जाने पर, जिस व्यक्ति के विरुद्ध अपराध का समझौता किया गया है, उसे बरी कर दिया जाएगा।
(7) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश का पालन न करने वाला कोई भी व्यक्ति, ऐसे जुर्माने के अतिरिक्त, अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम जुर्माने के बीस प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(8) इस संहिता के प्रावधानों के तहत दंडनीय किसी भी अपराध का समझौता इस धारा के प्रावधानों के अनुसार और उसके अधीन ही किया जाएगा।
इस प्रकार के अपराध के लिए एक वर्ष से अधिक की कारावास अवधि या निर्धारित तरीके से जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है:
बशर्ते कि इस प्रकार की राशि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 141 के तहत स्थापित सामाजिक सुरक्षा कोष में जमा की जाएगी।
(2) उपधारा ( 1 ) में निहित कोई भी बात किसी व्यक्ति द्वारा तीन वर्ष की अवधि के भीतर दूसरी बार या उसके बाद किए गए अपराध पर लागू नहीं होगी---
(क) पहले समझौता किए गए समान अपराध के कमीशन का;
(ख) उसी प्रकार का अपराध करने का जिसके लिए ऐसे व्यक्ति को पहले दोषी ठहराया गया था।
(3) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट प्रत्येक अधिकारी, उपयुक्त सरकार के निर्देशन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन रहते हुए, अपराध का समझौता करने की शक्तियों का प्रयोग करेगा।
(4) किसी अपराध के समझौते के लिए प्रत्येक आवेदन ऐसे तरीके से किया जाएगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(5) जहाँ किसी अभियोग की शुरुआत से पहले किसी अपराध का समझौता हो जाता है, तो उस अपराध के संबंध में उस अपराधी के विरुद्ध कोई अभियोग नहीं चलाया जाएगा जिसके संबंध में अपराध का समझौता हुआ है।
(6) जहाँ किसी अभियोग के अभियोग के आरंभ में किसी अपराध का समझौता किया जाता है, तो उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा लिखित रूप में धारा 85 की उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त निर्णय अधिकारी को, जिसके समक्ष अभियोग लंबित है, ऐसे समझौते की सूचना दी जाएगी और अपराध के समझौते की सूचना दिए जाने पर, जिस व्यक्ति के विरुद्ध अपराध का समझौता किया गया है, उसे बरी कर दिया जाएगा।
(7) उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश का पालन न करने वाला कोई भी व्यक्ति, ऐसे जुर्माने के अतिरिक्त, अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम जुर्माने के बीस प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(8) इस संहिता के प्रावधानों के तहत दंडनीय किसी भी अपराध का समझौता इस धारा के प्रावधानों के अनुसार और उसके अधीन ही किया जाएगा।
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