IR Code 31अध्याय IV · Standing Orders
धारा 31 · प्रमाणन अधिकारियों और अपीलीय प्राधिकरण को दीवानी न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होंगी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक प्रमाणन अधिकारी और धारा 32 में निर्दिष्ट अपीलीय प्राधिकारी को साक्ष्य प्राप्त करने, शपथ दिलाने, गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य करने और दस्तावेजों की खोज एवं प्रस्तुति को बाध्य करने के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय की सभी शक्तियाँ प्राप्त होंगी और उसे दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) की धारा 345 और 346 के अर्थ में सिविल न्यायालय माना जाएगा।
(2) किसी प्रमाणन अधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश में लिपिकीय या अंकगणितीय त्रुटियाँ, या उसमें किसी आकस्मिक चूक या गलती से उत्पन्न त्रुटियाँ, उस अधिकारी या उसके उत्तराधिकारी द्वारा किसी भी समय सुधारी जा सकती हैं।
(2) किसी प्रमाणन अधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश में लिपिकीय या अंकगणितीय त्रुटियाँ, या उसमें किसी आकस्मिक चूक या गलती से उत्पन्न त्रुटियाँ, उस अधिकारी या उसके उत्तराधिकारी द्वारा किसी भी समय सुधारी जा सकती हैं।
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