IR Code 57अध्याय VII · Mechanism for Resolution of Industrial Disputes
धारा 57 · वे व्यक्ति जिन पर समझौते और पुरस्कार बाध्यकारी हैं।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) नियोक्ता और श्रमिक के बीच सुलह कार्यवाही के अलावा किसी अन्य तरीके से समझौते द्वारा किया गया समझौता, समझौते के पक्षों पर बाध्यकारी होगा।
(2) उपधारा ( 3 ) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, मध्यस्थता पुरस्कार जो लागू करने योग्य हो गया है, विवाद को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करने वाले समझौते के पक्षों पर बाध्यकारी होगा।
(3) इस संहिता के तहत सुलह कार्यवाही के दौरान या किसी मध्यस्थता या न्यायाधिकरण या राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण के निर्णय के माध्यम से किया गया समझौता, जो लागू करने योग्य हो गया है, निम्नलिखित पर बाध्यकारी होगा---
(क) औद्योगिक विवाद के सभी पक्षकार;
(ख) विवाद के पक्षकारों के रूप में कार्यवाही में उपस्थित होने के लिए बुलाए गए अन्य सभी पक्षकार, जब तक कि मध्यस्थ, न्यायाधिकरण या राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण, जैसा भी मामला हो, यह राय दर्ज न करे कि उन्हें उचित कारण के बिना बुलाया गया था;
(ग) जहां खंड ( क ) या खंड (ख) में निर्दिष्ट पक्ष नियोक्ता हो, तो विवाद से संबंधित प्रतिष्ठान के संबंध में उसके उत्तराधिकारी, वारिस या असाइनी;
(घ) जहां खंड ( क ) या खंड (ख) में निर्दिष्ट पक्ष श्रमिकों से बना है, तो वे सभी व्यक्ति जो विवाद से संबंधित प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठान के भाग में विवाद की तिथि को कार्यरत थे और वे सभी व्यक्ति जो बाद में उस प्रतिष्ठान या भाग में कार्यरत हो जाते हैं।
(2) उपधारा ( 3 ) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, मध्यस्थता पुरस्कार जो लागू करने योग्य हो गया है, विवाद को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करने वाले समझौते के पक्षों पर बाध्यकारी होगा।
(3) इस संहिता के तहत सुलह कार्यवाही के दौरान या किसी मध्यस्थता या न्यायाधिकरण या राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण के निर्णय के माध्यम से किया गया समझौता, जो लागू करने योग्य हो गया है, निम्नलिखित पर बाध्यकारी होगा---
(क) औद्योगिक विवाद के सभी पक्षकार;
(ख) विवाद के पक्षकारों के रूप में कार्यवाही में उपस्थित होने के लिए बुलाए गए अन्य सभी पक्षकार, जब तक कि मध्यस्थ, न्यायाधिकरण या राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण, जैसा भी मामला हो, यह राय दर्ज न करे कि उन्हें उचित कारण के बिना बुलाया गया था;
(ग) जहां खंड ( क ) या खंड (ख) में निर्दिष्ट पक्ष नियोक्ता हो, तो विवाद से संबंधित प्रतिष्ठान के संबंध में उसके उत्तराधिकारी, वारिस या असाइनी;
(घ) जहां खंड ( क ) या खंड (ख) में निर्दिष्ट पक्ष श्रमिकों से बना है, तो वे सभी व्यक्ति जो विवाद से संबंधित प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठान के भाग में विवाद की तिथि को कार्यरत थे और वे सभी व्यक्ति जो बाद में उस प्रतिष्ठान या भाग में कार्यरत हो जाते हैं।
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