IR Code 61अध्याय VII · Mechanism for Resolution of Industrial Disputes
धारा 61 · कुछ मामलों को गोपनीय रखा जाना चाहिए।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस संहिता के अंतर्गत किसी भी रिपोर्ट या निर्णय में, किसी ट्रेड यूनियन या किसी व्यक्तिगत व्यवसाय (चाहे वह किसी व्यक्ति, फर्म या कंपनी द्वारा संचालित हो) के संबंध में किसी भी जांच या पूछताछ के दौरान सुलह अधिकारी, मध्यस्थ, न्यायाधिकरण या राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण द्वारा प्राप्त कोई भी जानकारी शामिल नहीं की जाएगी, जो ऐसे सुलह अधिकारी, मध्यस्थ, न्यायाधिकरण या राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण के समक्ष दिए गए साक्ष्य के अलावा किसी अन्य माध्यम से उपलब्ध न हो, यदि संबंधित ट्रेड यूनियन, व्यक्ति, फर्म या कंपनी ने सुलह अधिकारी, मध्यस्थ, न्यायाधिकरण या राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण को लिखित रूप में अनुरोध किया है कि ऐसी जानकारी को गोपनीय रखा जाए; और न ही ऐसा सुलह अधिकारी, मध्यस्थ, न्यायाधिकरण या राष्ट्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण का पीठासीन अधिकारी या कार्यवाही में उपस्थित या संबंधित कोई भी व्यक्ति ट्रेड यूनियन या संबंधित व्यक्ति, फर्म या कंपनी के सचिव की लिखित सहमति के बिना ऐसी कोई जानकारी प्रकट करेगा।
बशर्ते कि इस धारा में निहित कोई भी बात भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 193 के तहत अभियोजन के प्रयोजनों के लिए ऐसी किसी सूचना के प्रकटीकरण पर लागू नहीं होगी।
बशर्ते कि इस धारा में निहित कोई भी बात भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 193 के तहत अभियोजन के प्रयोजनों के लिए ऐसी किसी सूचना के प्रकटीकरण पर लागू नहीं होगी।
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