Factories Act 97अध्याय X · Penalties and Procedure
धारा 97 · कर्मकारों द्वारा अपराध
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 111 के उपबंधों के अध्यधीन यह है कि यदि कारखाने में नियोजित कोई कर्मकार इस अधिनियम या तद्धीन बनाए गए किन्हीं नियमों या आदेशों के किसी उपबन्ध का, जो कर्मकारों पर कोई कर्तव्य या दायित्व अधिरोपित करता है, उल्लंघन करेगा तो वह जुर्माने से, जो [पांच सौ रुपए] तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा ।
(2) जहां कोई कर्मकार उपधारा (1) के अधीन दण्डनीय किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध हो जाता है, वहां कारखाने का अधिष्ठाता या प्रबन्धक उस उल्लंघन के लिए अपराध का दोषी तब तक नहीं समझा जाएगा जब तक कि यह सिद्ध नहीं होता कि वह उसका निवारण करने के लिए सब युक्तियुक्त उपाय करने में असफल रहा है ।
(2) जहां कोई कर्मकार उपधारा (1) के अधीन दण्डनीय किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध हो जाता है, वहां कारखाने का अधिष्ठाता या प्रबन्धक उस उल्लंघन के लिए अपराध का दोषी तब तक नहीं समझा जाएगा जब तक कि यह सिद्ध नहीं होता कि वह उसका निवारण करने के लिए सब युक्तियुक्त उपाय करने में असफल रहा है ।
अपराध एक नज़र में
- जुर्माना
- ₹500
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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