Factories Act 90अध्याय IX · Special Provisions
धारा 90 · दुर्घटना या रोग की दशाओं में जांच निर्दिष्ट करने की शक्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि राज्य सरकार ऐसा करना समीचीन समझती है तो वह किसी ऐसी दुर्घटना के कारणों की जो किसी कारखाने में हुई हो या किसी ऐसे मामले की, जिसमें [तीसरी अनुसूची] में विनिर्दिष्ट कोई रोग किसी कारखाने में लगा हो या यह संदेह हो कि वहां वह लगा, जांच करने के लिए कोई सक्षम व्यक्ति नियुक्त कर सकेगी और ऐसी जांच में असेसर के रूप में कार्य करने के लिए एक या अधिक ऐसे व्यक्तियों को भी नियुक्त कर सकेगी जिनको विधिक या विशिष्ट जानकारी हो ।
(2) इस धारा के अधीन जांच करने के लिए नियुक्त व्यक्ति को, साक्षियों को हाजिर कराने और दस्तोवेजों और भैतिक पदार्थों को पेश कराने के प्रयोजन के लिए सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन सिविल न्यायालय की सब शक्तियां होंगी और जहां तक जांच के प्रयोजनों के लिए आवश्यक हो वह इस अधिनियम के अधीन निरीक्षक की शक्तियों में से किसी का भी प्रयोग कर सकेगा, और जांच करने वाले व्यक्ति द्वारा कोई सूचना देने के लिए अपेक्षित प्रत्येक व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) की धारा 176 के अर्थ में ऐसा करने के लिए वैध रूप से आबद्ध समझा जाएगा ।
(3) इस धारा के अधीन जांच करने वाला व्यक्ति राज्य सरकार को एक रिपोर्ट देगा जिसमें, यथास्थिति, दुर्घटना या रोग के कारण और कोई तत्सम्बद्ध परिस्थितियां कथित होंगी और कोई ऐसी टीका-टिप्पणियां भी होंगी जो वह या असेसरों में से कोई करना ठीक समझे ।
(4) यदि राज्य सरकार ठीक समझती है तो वह इस धारा के अधीन दी गई किसी रिपोर्ट या उसमें से किन्हीं उद्धरणों को प्रकाशित करा सकेगी ।
(5) इस धारा के अधीन जांचों में प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए राज्य सरकार नियम बना सकेगी ।
(2) इस धारा के अधीन जांच करने के लिए नियुक्त व्यक्ति को, साक्षियों को हाजिर कराने और दस्तोवेजों और भैतिक पदार्थों को पेश कराने के प्रयोजन के लिए सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन सिविल न्यायालय की सब शक्तियां होंगी और जहां तक जांच के प्रयोजनों के लिए आवश्यक हो वह इस अधिनियम के अधीन निरीक्षक की शक्तियों में से किसी का भी प्रयोग कर सकेगा, और जांच करने वाले व्यक्ति द्वारा कोई सूचना देने के लिए अपेक्षित प्रत्येक व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) की धारा 176 के अर्थ में ऐसा करने के लिए वैध रूप से आबद्ध समझा जाएगा ।
(3) इस धारा के अधीन जांच करने वाला व्यक्ति राज्य सरकार को एक रिपोर्ट देगा जिसमें, यथास्थिति, दुर्घटना या रोग के कारण और कोई तत्सम्बद्ध परिस्थितियां कथित होंगी और कोई ऐसी टीका-टिप्पणियां भी होंगी जो वह या असेसरों में से कोई करना ठीक समझे ।
(4) यदि राज्य सरकार ठीक समझती है तो वह इस धारा के अधीन दी गई किसी रिपोर्ट या उसमें से किन्हीं उद्धरणों को प्रकाशित करा सकेगी ।
(5) इस धारा के अधीन जांचों में प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए राज्य सरकार नियम बना सकेगी ।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
