Factories Act 79अध्याय VIII · Annual Leave with Wages
धारा 79 · मजदूरी सहित वार्षिक छुट्टी
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) हर कर्मकार को जिसने किसी कलैण्डर वर्ष के दौरान कारखाने में 240 या अधिक दिनों की कालावधि तक काम किया है, पश्चात्वर्ती कलैंडर वर्ष के दौरान इतने दिनों के लिए मजदूरी सहित छुट्टी अनुज्ञात की जाएगी जितने निम्नलिखित दर से परिकलित होंगे-
(i) यदि वह वयस्थ है, तो पूर्ववर्ती कलैंडर वर्ष के दौरान उसके द्वारा किए गए काम के हर बीस दिन के लिए एक दिन,
(ii) यदि वह बालक है तो पूर्ववर्ती कलैंडर वर्ष के दौरान उसके द्वाररा किए गए काम के हर पन्द्रह दिन के लिए एक दिन ।
स्पष्टीकरण 1-इस उपधारा के प्रयोजन के लिए-
(क)करार, या संविदा द्वारा अथवा स्थायी आदेशों के अधीन यथा अनुज्ञात कामबन्दी के कोई दिन;
(ख) स्त्री कर्मकार की दशा में, बारह सप्ताह से अनधिक के लिए प्रसूति छूट्टी के कोई दिन; और
(ग) जिस वर्ष छुट्टी का उपभोग किया जाता है, उससे पूर्ववर्ती वर्ष में उपार्जित छुट्टी,
240 या अधिक दिनों की कालावधि की संगणना के प्रयोजन के लिए ऐसे दिन समझे जाएंगे जिनमें कर्मकार ने कारखानों में काम किया है, किन्तु इन दिनों के लिए वह छुट्टी उपार्जित नहीं करेगा ।
स्पष्टीकरण 2-इस उपधारा के अधीन अनुज्ञेय छुट्टी उन सब अवकाश दिनों का, जो चाहे छुट्टी की कालावधि के दौरान या उसके प्रारम्भ या अन्त में हों, अपवर्जन करके होगी ।
(2) वह कर्मकार जिसकी सेवा पहली जनवरी के प्रथम दिन से अन्यथा प्रारम्भ होती है उपधारा (1) के, यथास्थिति, खण्ड (i) या खण्ड (ii) में अधिकथित दर पर मजदूरी सहित छुट्टी का हकदार होगा यदि उसने कलैंडर वर्ष के अवशिष्ट भाग के दिनों की कुल संख्या के दो-तिहाई के लिए काम किया है ।
[(3) यदि कोई कर्मकार कलैंडर वर्ष के दौरान सेवोन्मुक्त या पदच्युत कर दिया जाता है या अपना नियोजन छोड़ देता है या अधिवर्षिता प्राप्त कर देता है या सेवा में रहते हुए उसकी मृत्यु हो जाती है तो वह या, यथास्थिति, उसका वारिस या उसका नामनिर्देशिती उतनी छुट्टियों के बदले में जितनी के लिए वह कर्मकार अपनी सेवोन्मुक्ति, पदच्युति, नियोजन छोड़ दिए जाने, अधिवर्षिता प्राप्त कर लेने पर या मृत्यु से पूर्व हकदार था उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट दरों पर संगणित मजदूरी का हकदार होगा भले ही उसने उपधारा (1) या उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट पूरी अवधि के लिए काम न किया हो जिससे वह ऐसी छुट्टी पाने का पात्र हो गया होता और ऐसा संदाय-
(i) जहां कर्मकार सेवोन्मुक्त या पदच्युत कर दिया जाता है या काम छोड़ देता है वहां ऐसी सेवोन्मुक्ति, पदच्युति या काम छोड़ने की तारीख से काम करने के दूसरे दिन की समाप्ति से पूर्व; और
(ii) जहां कर्मकार ने अधिवर्षिता प्राप्त कर ली है या सेवा में रहते हुए उसकी मृत्यु हो जाती है वहां ऐसी अधिवर्षिता प्राप्त करने या मृत्यु की तारीख से दो मास की समाप्ति से पूर्व किया जाएगा ।]
(4) इस धारा के अधीन छुट्टी परिकलित करने में आधे या उससे अधिक दिन की छुट्टी के भाग को पूरे दिन की छुट्टी माना जाएगा और आधे दिन से काम के भाग को छोड़ दिया जाएगा ।
(5) यदि कोई कर्मकार किसी एक कलैंडर वर्ष में, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन अपने को अनुज्ञात सारी छुट्टी नहीं लेता तो उसके द्वारा न ली गई छुट्टी, उत्तरवर्ती कलैंडर वर्ष में उसे अनुज्ञात होने वाली छुट्टी में जोड़ दी जाएगी :
परन्तु छुट्टी के दिनों की कुल संख्या जो उत्तरवर्ती वर्ष के लिए अग्रनीत की जाएगी किसी वयस्थ की दशा में तीस और किसी बालक की दशा में चालीस से अधिक नहीं होगी :
परन्तु यह और कि कोई कर्मकार, जिसने मजदूरी सहित छुट्टी के लिए आवेदन किया है किन्तु जिसे उपधारा (8) और (9) में अधिकथित किसी स्कीम के अनुसार [या उपधारा (10) के उल्लंघन में] ऐसी छुट्टी नहीं दी गई है, [ऐसी अस्वीकृत छुट्टी] के अग्रनयन का हकदार होगा जिसकी कोई सीमा नहीं होगी] ।
(6) कोई कर्मकार कलैंडर वर्ष के दौरान अपने को अनुज्ञेय सारी या कुछ छुट्टी लेने के लिए किसी कारखाने के प्रबन्धक से उस तारीख से पन्द्रह दिन से अन्यून पूर्व, जिसको कि वह अपनी छुट्टी आरम्भ करना चाहता है, किसी समय लिखित आवेदन कर सकेगा :
परन्तु आवेदन उस तारीख से जिसको कर्मकार अपनी छुट्टी आरंभ करना चाहता है, तीस दिन से अन्यून पूर्व किया जाएगा यदि वह औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 2 के उपखंड (ढ) में यथापरिभाषित लोकोपयोगी सेवा में नियोजित है :
परन्तु यह और कि वर्ष के दौरान में तीन बार से अधिक बार छुट्टी न ली जा सकेगी ।
(7) यदि कोई कर्मकार अपने को प्राप्य मजदूरी सहित छुट्टी को रुग्णता की कालावधि के लिए लेना चाहता है तो उसे ऐसी छुट्टी दी जाएगी चाहे उसने छुट्टी के लिए आवेदन उपधारा (6) में विनिर्दिष्ट समय के अन्दर न भी किया हो, और ऐसी किसी दशा में धारा 81 के अधीन यथा अनुज्ञेय मजदूरी, छुट्टी के लिए आवेदन की तारीख से पन्द्रह दिन के अनुपरान्त, या लोकोपयोगी सेवा की दशा में तीस दिन के अनुपरान्त संदत्त की जाएगी ।
(8) यह सुनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए कि काम निरन्तर होता रहे कारखाने का अधिष्ठाता या प्रबन्ध औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 3 के अधीन गठित कारखाने की कर्मसमिति या किसी अन्य अधिनियम के अधीन गठित किसी सदृश समिति की सहमति से या यदि कारखाने में ऐसी कोई कर्मसमिति या सदृश समिति नहीं है, तो वहां के कर्मकारों के विहित रीति से निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहमति से एक लिखित स्कीम, जिसके द्वारा इस धारा के अधीन अनुज्ञेय छुट्टी का अनुदान विनियमित किया जा सकेगा, मुख्य निरीक्षक के पास दाखिल कर सकेगा ।
(9) उपधारा (8) के अधीन दाखिल की गई स्कीम कारखाने में किन्हीं सहजदृश्य और सुविधापूर्ण स्थानों में संप्रदर्शित की जाएगी और उस तारीख से, जिसको वह प्रवृत्त होती है, बारह मास की कालावधि तक प्रवृत्त रहेगी, और तत्पश्चात्, उपान्तरों के सहित या बिना एक समय पर बारह मास की अतिरिक्त कालावधि के लिए उसका नवीकरण प्रबन्धक द्वारा कर्मसमिति या सदृश समिति की सहमति से या, यथास्थिति, उपधारा (8) में यथाविनिर्दिष्ट कर्मकारों के प्रतिनिधियों की सहमति से किया जा सकेगा और नीवकरण की सूचना उसके नवीकृत किए जाने के पूर्व मुख्य निरीक्षक को भेजी जाएगी ।
(10) छुट्टी के लिए कोई आवेदन जो उपधारा (6) के उपबन्धों का उल्लंघन नहीं करता नामंजूर नहीं किया जाएगा, जब तक कि नामजूंरी उपधारा (8) और उपधारा (9) के अधीन तत्समय प्रवृत्त किसी स्कीम के अनुसार न हो ।
(11) यदि, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन छुट्टी के हकदार कर्मकार का नियोजन, उस द्वारा अपनी सारी छुट्टी जिसका वह हकदार है ले चुकने के पहले अधिष्ठाता द्वारा समाप्त कर दिया जाता है या यदि ऐसी छुट्टी के लिए आवेदन कर चुकने और मंजूर न किए जाने पर वह कर्मकार छुट्टी लेने से पूर्व अपना नियोजन छोड़ देता है, तो कारखाने का अधिष्ठाता न ली गई छुट्टी के लिए उसे धारा 80 के अधीन संदेय रकम संदत्त करेगा और ऐसा संदाय जहां कर्मकार का नियोजन अधिष्ठाता द्वारा समाप्त किया जाता है वहां ऐसी समाप्ति के पश्चात् दूसरे काम के दिन के अवसान से पूर्व और जहां कोई कर्मकार अपना नियोजन छोड़ देता है वहां अगले वेतन दिन को या उसके पूर्व किया जाएगा ।
(12) उन्मोचन या पदच्युति से पहले दिए जाने के लिए अपेक्षित किसी सूचना की कालावधि संगणित करने में कर्मकार की अनुपभुक्त छुट्टी का ध्यान न रखा जाएगा ।
(i) यदि वह वयस्थ है, तो पूर्ववर्ती कलैंडर वर्ष के दौरान उसके द्वारा किए गए काम के हर बीस दिन के लिए एक दिन,
(ii) यदि वह बालक है तो पूर्ववर्ती कलैंडर वर्ष के दौरान उसके द्वाररा किए गए काम के हर पन्द्रह दिन के लिए एक दिन ।
स्पष्टीकरण 1-इस उपधारा के प्रयोजन के लिए-
(क)करार, या संविदा द्वारा अथवा स्थायी आदेशों के अधीन यथा अनुज्ञात कामबन्दी के कोई दिन;
(ख) स्त्री कर्मकार की दशा में, बारह सप्ताह से अनधिक के लिए प्रसूति छूट्टी के कोई दिन; और
(ग) जिस वर्ष छुट्टी का उपभोग किया जाता है, उससे पूर्ववर्ती वर्ष में उपार्जित छुट्टी,
240 या अधिक दिनों की कालावधि की संगणना के प्रयोजन के लिए ऐसे दिन समझे जाएंगे जिनमें कर्मकार ने कारखानों में काम किया है, किन्तु इन दिनों के लिए वह छुट्टी उपार्जित नहीं करेगा ।
स्पष्टीकरण 2-इस उपधारा के अधीन अनुज्ञेय छुट्टी उन सब अवकाश दिनों का, जो चाहे छुट्टी की कालावधि के दौरान या उसके प्रारम्भ या अन्त में हों, अपवर्जन करके होगी ।
(2) वह कर्मकार जिसकी सेवा पहली जनवरी के प्रथम दिन से अन्यथा प्रारम्भ होती है उपधारा (1) के, यथास्थिति, खण्ड (i) या खण्ड (ii) में अधिकथित दर पर मजदूरी सहित छुट्टी का हकदार होगा यदि उसने कलैंडर वर्ष के अवशिष्ट भाग के दिनों की कुल संख्या के दो-तिहाई के लिए काम किया है ।
[(3) यदि कोई कर्मकार कलैंडर वर्ष के दौरान सेवोन्मुक्त या पदच्युत कर दिया जाता है या अपना नियोजन छोड़ देता है या अधिवर्षिता प्राप्त कर देता है या सेवा में रहते हुए उसकी मृत्यु हो जाती है तो वह या, यथास्थिति, उसका वारिस या उसका नामनिर्देशिती उतनी छुट्टियों के बदले में जितनी के लिए वह कर्मकार अपनी सेवोन्मुक्ति, पदच्युति, नियोजन छोड़ दिए जाने, अधिवर्षिता प्राप्त कर लेने पर या मृत्यु से पूर्व हकदार था उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट दरों पर संगणित मजदूरी का हकदार होगा भले ही उसने उपधारा (1) या उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट पूरी अवधि के लिए काम न किया हो जिससे वह ऐसी छुट्टी पाने का पात्र हो गया होता और ऐसा संदाय-
(i) जहां कर्मकार सेवोन्मुक्त या पदच्युत कर दिया जाता है या काम छोड़ देता है वहां ऐसी सेवोन्मुक्ति, पदच्युति या काम छोड़ने की तारीख से काम करने के दूसरे दिन की समाप्ति से पूर्व; और
(ii) जहां कर्मकार ने अधिवर्षिता प्राप्त कर ली है या सेवा में रहते हुए उसकी मृत्यु हो जाती है वहां ऐसी अधिवर्षिता प्राप्त करने या मृत्यु की तारीख से दो मास की समाप्ति से पूर्व किया जाएगा ।]
(4) इस धारा के अधीन छुट्टी परिकलित करने में आधे या उससे अधिक दिन की छुट्टी के भाग को पूरे दिन की छुट्टी माना जाएगा और आधे दिन से काम के भाग को छोड़ दिया जाएगा ।
(5) यदि कोई कर्मकार किसी एक कलैंडर वर्ष में, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन अपने को अनुज्ञात सारी छुट्टी नहीं लेता तो उसके द्वारा न ली गई छुट्टी, उत्तरवर्ती कलैंडर वर्ष में उसे अनुज्ञात होने वाली छुट्टी में जोड़ दी जाएगी :
परन्तु छुट्टी के दिनों की कुल संख्या जो उत्तरवर्ती वर्ष के लिए अग्रनीत की जाएगी किसी वयस्थ की दशा में तीस और किसी बालक की दशा में चालीस से अधिक नहीं होगी :
परन्तु यह और कि कोई कर्मकार, जिसने मजदूरी सहित छुट्टी के लिए आवेदन किया है किन्तु जिसे उपधारा (8) और (9) में अधिकथित किसी स्कीम के अनुसार [या उपधारा (10) के उल्लंघन में] ऐसी छुट्टी नहीं दी गई है, [ऐसी अस्वीकृत छुट्टी] के अग्रनयन का हकदार होगा जिसकी कोई सीमा नहीं होगी] ।
(6) कोई कर्मकार कलैंडर वर्ष के दौरान अपने को अनुज्ञेय सारी या कुछ छुट्टी लेने के लिए किसी कारखाने के प्रबन्धक से उस तारीख से पन्द्रह दिन से अन्यून पूर्व, जिसको कि वह अपनी छुट्टी आरम्भ करना चाहता है, किसी समय लिखित आवेदन कर सकेगा :
परन्तु आवेदन उस तारीख से जिसको कर्मकार अपनी छुट्टी आरंभ करना चाहता है, तीस दिन से अन्यून पूर्व किया जाएगा यदि वह औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 2 के उपखंड (ढ) में यथापरिभाषित लोकोपयोगी सेवा में नियोजित है :
परन्तु यह और कि वर्ष के दौरान में तीन बार से अधिक बार छुट्टी न ली जा सकेगी ।
(7) यदि कोई कर्मकार अपने को प्राप्य मजदूरी सहित छुट्टी को रुग्णता की कालावधि के लिए लेना चाहता है तो उसे ऐसी छुट्टी दी जाएगी चाहे उसने छुट्टी के लिए आवेदन उपधारा (6) में विनिर्दिष्ट समय के अन्दर न भी किया हो, और ऐसी किसी दशा में धारा 81 के अधीन यथा अनुज्ञेय मजदूरी, छुट्टी के लिए आवेदन की तारीख से पन्द्रह दिन के अनुपरान्त, या लोकोपयोगी सेवा की दशा में तीस दिन के अनुपरान्त संदत्त की जाएगी ।
(8) यह सुनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए कि काम निरन्तर होता रहे कारखाने का अधिष्ठाता या प्रबन्ध औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 3 के अधीन गठित कारखाने की कर्मसमिति या किसी अन्य अधिनियम के अधीन गठित किसी सदृश समिति की सहमति से या यदि कारखाने में ऐसी कोई कर्मसमिति या सदृश समिति नहीं है, तो वहां के कर्मकारों के विहित रीति से निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहमति से एक लिखित स्कीम, जिसके द्वारा इस धारा के अधीन अनुज्ञेय छुट्टी का अनुदान विनियमित किया जा सकेगा, मुख्य निरीक्षक के पास दाखिल कर सकेगा ।
(9) उपधारा (8) के अधीन दाखिल की गई स्कीम कारखाने में किन्हीं सहजदृश्य और सुविधापूर्ण स्थानों में संप्रदर्शित की जाएगी और उस तारीख से, जिसको वह प्रवृत्त होती है, बारह मास की कालावधि तक प्रवृत्त रहेगी, और तत्पश्चात्, उपान्तरों के सहित या बिना एक समय पर बारह मास की अतिरिक्त कालावधि के लिए उसका नवीकरण प्रबन्धक द्वारा कर्मसमिति या सदृश समिति की सहमति से या, यथास्थिति, उपधारा (8) में यथाविनिर्दिष्ट कर्मकारों के प्रतिनिधियों की सहमति से किया जा सकेगा और नीवकरण की सूचना उसके नवीकृत किए जाने के पूर्व मुख्य निरीक्षक को भेजी जाएगी ।
(10) छुट्टी के लिए कोई आवेदन जो उपधारा (6) के उपबन्धों का उल्लंघन नहीं करता नामंजूर नहीं किया जाएगा, जब तक कि नामजूंरी उपधारा (8) और उपधारा (9) के अधीन तत्समय प्रवृत्त किसी स्कीम के अनुसार न हो ।
(11) यदि, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन छुट्टी के हकदार कर्मकार का नियोजन, उस द्वारा अपनी सारी छुट्टी जिसका वह हकदार है ले चुकने के पहले अधिष्ठाता द्वारा समाप्त कर दिया जाता है या यदि ऐसी छुट्टी के लिए आवेदन कर चुकने और मंजूर न किए जाने पर वह कर्मकार छुट्टी लेने से पूर्व अपना नियोजन छोड़ देता है, तो कारखाने का अधिष्ठाता न ली गई छुट्टी के लिए उसे धारा 80 के अधीन संदेय रकम संदत्त करेगा और ऐसा संदाय जहां कर्मकार का नियोजन अधिष्ठाता द्वारा समाप्त किया जाता है वहां ऐसी समाप्ति के पश्चात् दूसरे काम के दिन के अवसान से पूर्व और जहां कोई कर्मकार अपना नियोजन छोड़ देता है वहां अगले वेतन दिन को या उसके पूर्व किया जाएगा ।
(12) उन्मोचन या पदच्युति से पहले दिए जाने के लिए अपेक्षित किसी सूचना की कालावधि संगणित करने में कर्मकार की अनुपभुक्त छुट्टी का ध्यान न रखा जाएगा ।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
