Factories Act 10अध्याय · The Inspecting Staff
धारा 10 · प्रमाणकर्ता सर्जन
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य सरकार, अर्हित चिकित्सा-व्यवसायियों को ऐसी स्थानीय सीमाओं में या ऐसे कारखाने या ऐसे वर्ग या प्रकार के कारखानों के लिए जैसे वह उन्हें क्रमशः सौंपे, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए प्रमाणकर्ता सर्जन नियुक्त कर सकेगी ।
(2) प्रमाणकर्ता सर्जन, राज्य सरकार के अनुमोदन से, किसी अर्हित चिकित्सा-व्यवसायी को इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों में से किसी का प्रयोग, ऐसी कालावधि में जैसी प्रमाणकर्ता सर्जन विनिर्दिष्ट करे और ऐसी शर्तों के अध्यधीन जैसी राज्य सरकार अधिरोपित करना ठीक समझे, करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा, और इस अधिनियम में प्रमाणकर्ता सर्जन के प्रति निर्देशों के अन्तर्गत किसी अर्हित चिकित्सा-व्यवसायी के प्रति निर्देश भी समझे जाएंगे जब वह ऐसे प्राधिकृत हो ।
(3) कोई व्यक्ति जो किसी कारखाने का अधिष्ठाता है या हो जाता है अथवा उसमें या उसमें चलाई जाने वाली किसी प्रक्रिया या कारबार में या उससे संबंधित किसी पेटेंट या मशीनरी में प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः हितबद्ध है या हो जाता है अथवा कारखाने में अन्यथा नियोजित है वह प्रमाणकर्ता सर्जन के रूप में नियुक्त या उसकी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत नहीं किया जाएगा अथवा वैसे नियुक्त या प्राधिकृत हो चुकने पर ऐसी शक्तियों का प्रयोग करना जारी नहीं रखेगाः
[परन्तु राज्य सरकार लिखित आदेश द्वारा और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो आदेश में विनिर्दिष्ट की जाएं, किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग को किसी कारखाने या किसी वर्ग या प्रकार के कारखानों की बाबत इस धारा के उपबंधों से छूट दे सकेगी ।]
(4) प्रमाणकर्ता सर्जन ऐसे कर्तव्यों का पालन करेगा जो निम्नलिखित के सम्बन्ध में विहित किए जाएं-
(क) इस अधिनियम के अधीन अल्पवय व्यक्तियों की परीक्षा और प्रमाणीकरण;
(ख) कारखानों में ऐसी संकटपूर्ण उपजीविकाओं या प्रक्रियाओं में, जैसी विहित की जाएं लगे हुए व्यक्तियों की परीक्षा;
(ग) ऐसे चिकित्सीय पर्यवेक्षण का, जैसा किसी कारखाने या किसी वर्ग या प्रकार के कारखानों के लिए विहित किया जाए, प्रयोग जहां-
(i) रुग्णता के ऐसे मामले हुए हैं जिनकी बाबत यह विश्वास करना युक्तियुक्त है कि वे वहां चलाई जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया के स्वरूप या वहां विद्यमान अन्य काम की दशाओं के कारण हुआ है,
(ii) चलाई जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया में या प्रयुक्त पदार्थों में किसी परिवर्तन के कारण अथवा किसी नई विनिर्माण प्रक्रिया के या विनिर्माण प्रक्रिया में प्रयोग के लिए किसी नए पदार्थ के अपनाए जाने के कारण, उस विनिर्माण प्रक्रिया में नियोजित कर्मकारों के स्वास्थ्य की क्षति संभाव्य है,
(iii) अल्पवय व्यक्ति किसी ऐसे काम में नियोजित हैं या किए जाने वाले हैं जिससे उनके स्वास्थ्य को क्षति पहुंचना संभाव्य है ।
स्पष्टीकरण-इस धारा में “अर्हित चिकित्सा-व्यवसायी" से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके पास भारतीय चिकित्सा उपाधि अधिनियम, 1916 (1916 का 7) की अनुसूची में या भारतीय चिकित्सा परिषद् अधिनियम, 1933 (1933 का 27) की अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा प्रदत्त अर्हता हो ।
(2) प्रमाणकर्ता सर्जन, राज्य सरकार के अनुमोदन से, किसी अर्हित चिकित्सा-व्यवसायी को इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों में से किसी का प्रयोग, ऐसी कालावधि में जैसी प्रमाणकर्ता सर्जन विनिर्दिष्ट करे और ऐसी शर्तों के अध्यधीन जैसी राज्य सरकार अधिरोपित करना ठीक समझे, करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा, और इस अधिनियम में प्रमाणकर्ता सर्जन के प्रति निर्देशों के अन्तर्गत किसी अर्हित चिकित्सा-व्यवसायी के प्रति निर्देश भी समझे जाएंगे जब वह ऐसे प्राधिकृत हो ।
(3) कोई व्यक्ति जो किसी कारखाने का अधिष्ठाता है या हो जाता है अथवा उसमें या उसमें चलाई जाने वाली किसी प्रक्रिया या कारबार में या उससे संबंधित किसी पेटेंट या मशीनरी में प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः हितबद्ध है या हो जाता है अथवा कारखाने में अन्यथा नियोजित है वह प्रमाणकर्ता सर्जन के रूप में नियुक्त या उसकी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत नहीं किया जाएगा अथवा वैसे नियुक्त या प्राधिकृत हो चुकने पर ऐसी शक्तियों का प्रयोग करना जारी नहीं रखेगाः
[परन्तु राज्य सरकार लिखित आदेश द्वारा और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो आदेश में विनिर्दिष्ट की जाएं, किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्ग को किसी कारखाने या किसी वर्ग या प्रकार के कारखानों की बाबत इस धारा के उपबंधों से छूट दे सकेगी ।]
(4) प्रमाणकर्ता सर्जन ऐसे कर्तव्यों का पालन करेगा जो निम्नलिखित के सम्बन्ध में विहित किए जाएं-
(क) इस अधिनियम के अधीन अल्पवय व्यक्तियों की परीक्षा और प्रमाणीकरण;
(ख) कारखानों में ऐसी संकटपूर्ण उपजीविकाओं या प्रक्रियाओं में, जैसी विहित की जाएं लगे हुए व्यक्तियों की परीक्षा;
(ग) ऐसे चिकित्सीय पर्यवेक्षण का, जैसा किसी कारखाने या किसी वर्ग या प्रकार के कारखानों के लिए विहित किया जाए, प्रयोग जहां-
(i) रुग्णता के ऐसे मामले हुए हैं जिनकी बाबत यह विश्वास करना युक्तियुक्त है कि वे वहां चलाई जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया के स्वरूप या वहां विद्यमान अन्य काम की दशाओं के कारण हुआ है,
(ii) चलाई जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया में या प्रयुक्त पदार्थों में किसी परिवर्तन के कारण अथवा किसी नई विनिर्माण प्रक्रिया के या विनिर्माण प्रक्रिया में प्रयोग के लिए किसी नए पदार्थ के अपनाए जाने के कारण, उस विनिर्माण प्रक्रिया में नियोजित कर्मकारों के स्वास्थ्य की क्षति संभाव्य है,
(iii) अल्पवय व्यक्ति किसी ऐसे काम में नियोजित हैं या किए जाने वाले हैं जिससे उनके स्वास्थ्य को क्षति पहुंचना संभाव्य है ।
स्पष्टीकरण-इस धारा में “अर्हित चिकित्सा-व्यवसायी" से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके पास भारतीय चिकित्सा उपाधि अधिनियम, 1916 (1916 का 7) की अनुसूची में या भारतीय चिकित्सा परिषद् अधिनियम, 1933 (1933 का 27) की अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा प्रदत्त अर्हता हो ।
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