Factories Act 7अध्याय I · Preliminary
धारा 7 · अधिष्ठाता द्वारा सूचना
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) अधिष्ठाता, किसी परिसर का कारखाने के रूप में अधिष्ठान या प्रयोग आरम्भ करने से कम-से-कम पन्द्रह दिन पूर्व, मुख्य निरीक्षक को एक लिखित सूचना भेजेगा जिसमें निम्नलिखित बातें अन्तर्विष्ट होंगी-
(क) कारखाने का नाम और अवस्थिति;
(ख) अधिष्ठाता का नाम और पता;
[(खख) परिसर और भवन के (जिसके अन्तर्गत उसकी प्रसीमाएं भी है) धारा 93 में निर्दिष्ट स्वामी का नाम और पता;]
(ग) वह पता जिस पर कारखाने से सम्बद्ध संसूचनाएं भेजी जा सकेंगी;
(घ) उस विनिर्माण प्रक्रिया का स्वरूप जो-
(i) इस अधिनियम के प्रारम्भ होने की तारीख को विद्यमान कारखानों की दशा में पिछले बारह मास के दौरान कारखाने में चलाई गई हो; और
(ii) सब अन्य कारखानों की दशा में अगले बारह मासों के दौरान कारखाने में चलाई जाने वाली हो;
[(ङ) कारखाने में स्थापित की जाने वाली कुल निर्धारित अश्व शक्ति जिसमें आपातोपयोगी किसी पृथक् संयंत्र की निर्धारित अश्व शक्ति सम्मिलित नहीं की जाएगी;]
(च) इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कारखाने के प्रबन्धक का नाम;
(छ) उतने कर्मकारों की संख्या जितनों के कारखानों में नियोजित किए जाने की सम्भाव्यता हो;
(ज) इस अधिनियम के प्रारम्भ होने की तारीख को विद्यमान कारखाने की दशा में पिछले बारह मासों के दौरान प्रतिदिन नियोजित कर्मकारों की औसत संख्या;
(झ) ऐसी अन्य विशिष्टियां जो विहित की जाएं ।
(2) ऐसे सब स्थापनों के सम्बन्ध में जो प्रथम बार इस अधिनियम की परिधि में आते हैं, अधिष्ठाता इस अधिनियम के प्रारम्भ की तारीख से [तीस दिन के भीतर] मुख्य निरीक्षक को एक लिखित सूचना भेजेगा, जिसमें उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट विशिष्टियां होंगी ।
(3) ऐसे विनिर्माण प्रक्रिया में, जो मामूली तौर पर वर्ष में एक सौ अस्सी काम के दिनों से कम के लिए चलाई जाती हैं, लगे हुए कारखाने द्वारा काम पुनः आरम्भ करने से पूर्व अधिष्ठाता काम के प्रारम्भ होने की तारीख से 5[कम से कम तीस दिनट] पूर्व मुख्य निरीक्षक को एक लिखित सूचना भेजेगा जिसमें उपधारा (1) में विशिष्टियां होंगी ।
(4) जब कभी नया प्रबन्धक नियुक्त किया जाए तब अधिष्ठाता उस तारीख से जिसको ऐसा व्यक्ति भार ग्रहण करे, सात दिन के अन्दर [निरीक्षक को लिखित सूचना और मुख्य निरीक्षक को उसकी एक प्रतिलिपि] भेजेगा ।
(5) किसी ऐसी कालावधि के दौरान जिसमें कोई व्यक्ति कारखाने का प्रबन्धक पदाभिहित नहीं किया गया है या जिसके दौरान पदाभिहित व्यक्ति कारखाने का प्रबंध नहीं करता है, कोई व्यक्ति जो प्रबंधक के रूप में काम करता हुआ पाया जाए या यदि कोई ऐसा व्यक्ति न पाया जाए तो अधिष्ठाता स्वयं, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कारखाने का प्रबन्धक समझा जाएगा ।
(क) कारखाने का नाम और अवस्थिति;
(ख) अधिष्ठाता का नाम और पता;
[(खख) परिसर और भवन के (जिसके अन्तर्गत उसकी प्रसीमाएं भी है) धारा 93 में निर्दिष्ट स्वामी का नाम और पता;]
(ग) वह पता जिस पर कारखाने से सम्बद्ध संसूचनाएं भेजी जा सकेंगी;
(घ) उस विनिर्माण प्रक्रिया का स्वरूप जो-
(i) इस अधिनियम के प्रारम्भ होने की तारीख को विद्यमान कारखानों की दशा में पिछले बारह मास के दौरान कारखाने में चलाई गई हो; और
(ii) सब अन्य कारखानों की दशा में अगले बारह मासों के दौरान कारखाने में चलाई जाने वाली हो;
[(ङ) कारखाने में स्थापित की जाने वाली कुल निर्धारित अश्व शक्ति जिसमें आपातोपयोगी किसी पृथक् संयंत्र की निर्धारित अश्व शक्ति सम्मिलित नहीं की जाएगी;]
(च) इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कारखाने के प्रबन्धक का नाम;
(छ) उतने कर्मकारों की संख्या जितनों के कारखानों में नियोजित किए जाने की सम्भाव्यता हो;
(ज) इस अधिनियम के प्रारम्भ होने की तारीख को विद्यमान कारखाने की दशा में पिछले बारह मासों के दौरान प्रतिदिन नियोजित कर्मकारों की औसत संख्या;
(झ) ऐसी अन्य विशिष्टियां जो विहित की जाएं ।
(2) ऐसे सब स्थापनों के सम्बन्ध में जो प्रथम बार इस अधिनियम की परिधि में आते हैं, अधिष्ठाता इस अधिनियम के प्रारम्भ की तारीख से [तीस दिन के भीतर] मुख्य निरीक्षक को एक लिखित सूचना भेजेगा, जिसमें उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट विशिष्टियां होंगी ।
(3) ऐसे विनिर्माण प्रक्रिया में, जो मामूली तौर पर वर्ष में एक सौ अस्सी काम के दिनों से कम के लिए चलाई जाती हैं, लगे हुए कारखाने द्वारा काम पुनः आरम्भ करने से पूर्व अधिष्ठाता काम के प्रारम्भ होने की तारीख से 5[कम से कम तीस दिनट] पूर्व मुख्य निरीक्षक को एक लिखित सूचना भेजेगा जिसमें उपधारा (1) में विशिष्टियां होंगी ।
(4) जब कभी नया प्रबन्धक नियुक्त किया जाए तब अधिष्ठाता उस तारीख से जिसको ऐसा व्यक्ति भार ग्रहण करे, सात दिन के अन्दर [निरीक्षक को लिखित सूचना और मुख्य निरीक्षक को उसकी एक प्रतिलिपि] भेजेगा ।
(5) किसी ऐसी कालावधि के दौरान जिसमें कोई व्यक्ति कारखाने का प्रबन्धक पदाभिहित नहीं किया गया है या जिसके दौरान पदाभिहित व्यक्ति कारखाने का प्रबंध नहीं करता है, कोई व्यक्ति जो प्रबंधक के रूप में काम करता हुआ पाया जाए या यदि कोई ऐसा व्यक्ति न पाया जाए तो अधिष्ठाता स्वयं, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कारखाने का प्रबन्धक समझा जाएगा ।
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