LL Act 47अध्याय XIV · Offences and Penalties
धारा 47 · किसी संस्था या व्यक्तियों के संघ या ट्रस्ट द्वारा की गई झूठी शिकायत।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहाँ धारा 46 की उपधारा (1) के अंतर्गत कोई अपराध किसी समाज या व्यक्तियों के संघ या न्यास (चाहे पंजीकृत हो या नहीं) द्वारा किया गया हो, तो प्रत्येक व्यक्ति जो अपराध किए जाने के समय उस समाज या व्यक्तियों के संघ या न्यास के व्यवसाय, मामलों या गतिविधियों के संचालन के लिए प्रत्यक्ष रूप से प्रभारी और उत्तरदायी था, तथा ऐसा समाज या व्यक्तियों का संघ या न्यास उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा:
बशर्ते कि इस उपधारा में निहित कोई भी बात ऐसे किसी व्यक्ति को इस अधिनियम में दिए गए किसी दंड के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराएगी, यदि वह यह साबित कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध को रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती थी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी समाज या व्यक्तियों के संघ या न्यास (चाहे पंजीकृत हो या नहीं) द्वारा किया गया हो और यह सिद्ध हो जाए कि वह अपराध ऐसे समाज या व्यक्तियों के संघ या न्यास के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मिलीभगत से किया गया हो, या उनकी ओर से किसी लापरवाही के कारण हुआ हो, तो ऐसे निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी को भी उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा।
बशर्ते कि इस उपधारा में निहित कोई भी बात ऐसे किसी व्यक्ति को इस अधिनियम में दिए गए किसी दंड के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराएगी, यदि वह यह साबित कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध को रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती थी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी समाज या व्यक्तियों के संघ या न्यास (चाहे पंजीकृत हो या नहीं) द्वारा किया गया हो और यह सिद्ध हो जाए कि वह अपराध ऐसे समाज या व्यक्तियों के संघ या न्यास के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मिलीभगत से किया गया हो, या उनकी ओर से किसी लापरवाही के कारण हुआ हो, तो ऐसे निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी को भी उस अपराध का दोषी माना जाएगा और उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी तथा तदनुसार दंडित किया जाएगा।
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