LL Act 27अध्याय VIII · Powers of Lokpal
धारा 27 · कुछ मामलों में लोकपाल को दीवानी न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होंगी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस धारा के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किसी प्रारंभिक जांच के प्रयोजन हेतु, लोकपाल के जांच विंग को सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन किसी सिविल न्यायालय की वे सभी शक्तियां प्राप्त होंगी, जो निम्नलिखित मामलों के संबंध में किसी मुकदमे की सुनवाई करते समय लागू होती हैं, अर्थात्:—
(i) किसी व्यक्ति को बुलाना और उसकी उपस्थिति को लागू करना तथा शपथ पर उससे पूछताछ करना;
(ii) किसी दस्तावेज़ की खोज और प्रस्तुति की आवश्यकता;
(iii) शपथपत्रों पर साक्ष्य प्राप्त करना;
(iv) किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी सार्वजनिक अभिलेख या उसकी प्रति की मांग करना;
(v) गवाहों या दस्तावेजों की जांच के लिए आयोग जारी करना:
बशर्ते कि किसी गवाह के मामले में ऐसा कमीशन केवल तभी जारी किया जाएगा जब लोकपाल की राय में गवाह लोकपाल के समक्ष कार्यवाही में उपस्थित होने की स्थिति में न हो; और
(vi) ऐसे अन्य मामले जो निर्धारित किए जा सकें।
(2) लोकपाल के समक्ष कोई भी कार्यवाही भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) की धारा 193 के अर्थ में न्यायिक कार्यवाही मानी जाएगी।
(i) किसी व्यक्ति को बुलाना और उसकी उपस्थिति को लागू करना तथा शपथ पर उससे पूछताछ करना;
(ii) किसी दस्तावेज़ की खोज और प्रस्तुति की आवश्यकता;
(iii) शपथपत्रों पर साक्ष्य प्राप्त करना;
(iv) किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी सार्वजनिक अभिलेख या उसकी प्रति की मांग करना;
(v) गवाहों या दस्तावेजों की जांच के लिए आयोग जारी करना:
बशर्ते कि किसी गवाह के मामले में ऐसा कमीशन केवल तभी जारी किया जाएगा जब लोकपाल की राय में गवाह लोकपाल के समक्ष कार्यवाही में उपस्थित होने की स्थिति में न हो; और
(vi) ऐसे अन्य मामले जो निर्धारित किए जा सकें।
(2) लोकपाल के समक्ष कोई भी कार्यवाही भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) की धारा 193 के अर्थ में न्यायिक कार्यवाही मानी जाएगी।
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