LL Act 31अध्याय VIII · Powers of Lokpal
धारा 31 · विशेष परिस्थितियों में भ्रष्टाचार के माध्यम से प्राप्त या अर्जित संपत्तियों, आय, प्राप्तियों और लाभों की ज़ब्ती।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 29 और 30 के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां विशेष न्यायालय को प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर यह विश्वास करने का कारण हो या वह संतुष्ट हो कि लोक सेवक द्वारा भ्रष्टाचार के माध्यम से संपत्ति, आय, प्राप्ति और लाभ, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए, उत्पन्न हुए हैं या प्राप्त किए गए हैं, तो वह उसकी बरी होने तक ऐसी संपत्ति, आय, प्राप्ति और लाभ की जब्ती को अधिकृत कर सकता है।
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन जारी किए गए ज़ब्ती आदेश को उच्च न्यायालय द्वारा संशोधित या रद्द कर दिया जाता है, या यदि लोक सेवक को विशेष न्यायालय द्वारा बरी कर दिया जाता है, तो उपधारा (1) के अधीन ज़ब्त की गई संपत्तियां, आय, प्राप्तियां और लाभ ऐसे लोक सेवक को लौटा दिए जाएंगे, और यदि किसी कारणवश संपत्तियां, आय, प्राप्तियां और लाभ लौटाना संभव न हो, तो ऐसे लोक सेवक को ज़ब्त की गई राशि सहित उनकी कीमत का भुगतान ज़ब्ती की तारीख से पांच प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित किया जाएगा।
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन जारी किए गए ज़ब्ती आदेश को उच्च न्यायालय द्वारा संशोधित या रद्द कर दिया जाता है, या यदि लोक सेवक को विशेष न्यायालय द्वारा बरी कर दिया जाता है, तो उपधारा (1) के अधीन ज़ब्त की गई संपत्तियां, आय, प्राप्तियां और लाभ ऐसे लोक सेवक को लौटा दिए जाएंगे, और यदि किसी कारणवश संपत्तियां, आय, प्राप्तियां और लाभ लौटाना संभव न हो, तो ऐसे लोक सेवक को ज़ब्त की गई राशि सहित उनकी कीमत का भुगतान ज़ब्ती की तारीख से पांच प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित किया जाएगा।
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