LL Act 2अध्याय I · Definitions
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,—
(क) 'पीठ' से तात्पर्य लोकपाल की पीठ से है;
(ख) "अध्यक्ष" से तात्पर्य लोकपाल के अध्यक्ष से है;
(ग) "सक्षम प्राधिकारी", के संबंध में—
(i) प्रधानमंत्री से तात्पर्य लोक सभा से है;
(ii) मंत्रिपरिषद के सदस्य से तात्पर्य प्रधानमंत्री से है;
(iii) संसद सदस्य, मंत्री के अतिरिक्त, का अर्थ है—
(ए) राज्य परिषद के सदस्य के मामले में, परिषद का अध्यक्ष; और
(ख) लोक सभा के सदस्य के मामले में, सदन का अध्यक्ष;
(iv) केंद्रीय सरकार के किसी मंत्रालय या विभाग में कार्यरत अधिकारी से तात्पर्य उस मंत्रालय या विभाग के प्रभारी मंत्री से है जिसके अधीन वह अधिकारी कार्यरत है;
(v) संसद के किसी अधिनियम के तहत स्थापित या गठित किसी निकाय या बोर्ड या निगम या प्राधिकरण या कंपनी या सोसायटी या स्वायत्त निकाय (चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए) का अध्यक्ष या सदस्य, या केंद्र सरकार द्वारा पूर्णतः या आंशिक रूप से वित्तपोषित या उसके द्वारा नियंत्रित, ऐसे निकाय या बोर्ड या निगम या प्राधिकरण या कंपनी या सोसायटी या स्वायत्त निकाय के प्रशासनिक मंत्रालय का प्रभारी मंत्री;
(vi) संसद के किसी अधिनियम के तहत स्थापित या गठित किसी निकाय या बोर्ड या निगम या प्राधिकरण या कंपनी या सोसायटी या स्वायत्त निकाय (चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए) का कोई अधिकारी, या केंद्र सरकार द्वारा पूर्णतः या आंशिक रूप से वित्तपोषित या उसके द्वारा नियंत्रित, ऐसे निकाय या बोर्ड या निगम या प्राधिकरण या कंपनी या सोसायटी या स्वायत्त निकाय के प्रमुख को संदर्भित करता है;
(vii) उपरोक्त उपखंड (i) से (vi) के अंतर्गत न आने वाले किसी अन्य मामले में, इसका अर्थ ऐसे विभाग या प्राधिकरण से है जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है:
बशर्ते कि यदि उपखंड (v) या उपखंड (vi) में निर्दिष्ट कोई व्यक्ति संसद सदस्य भी हो, तो सक्षम प्राधिकारी निम्नलिखित होगा—
(क) यदि ऐसा सदस्य राज्य परिषद का सदस्य है, तो परिषद का अध्यक्ष; और
(ख) यदि ऐसा सदस्य लोक सभा का सदस्य है, तो सदन का अध्यक्ष;
(घ) "केंद्रीय सतर्कता आयोग" से तात्पर्य केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 (45 ऑफ 2003) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत गठित केंद्रीय सतर्कता आयोग से है;
(ई) "शिकायत" से तात्पर्य ऐसी शिकायत से है, जो निर्धारित प्रपत्र में की गई हो, जिसमें यह आरोप लगाया गया हो कि किसी लोक सेवक ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) के तहत दंडनीय अपराध किया है;
(f) "दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना" से तात्पर्य दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 (25 ऑफ 1946) की धारा 2 की उपधारा (1) के तहत गठित दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना से है;
(जी) "जांच" से तात्पर्य दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 2 के खंड (एच) के तहत परिभाषित जांच से है;
(h) "न्यायिक" सदस्य से तात्पर्य लोकपाल के न्यायिक सदस्य से है;
(i) "लोकपाल" से तात्पर्य धारा 3 के अधीन स्थापित निकाय से है;
(j) "सदस्य" से तात्पर्य लोकपाल के सदस्य से है;
(k) "मंत्री" से तात्पर्य केंद्रीय मंत्री से है, लेकिन इसमें प्रधानमंत्री शामिल नहीं है;
(एल) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" अभिव्यक्ति का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(m) "प्रारंभिक जांच" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत की गई जांच से है;
(n) "निर्धारित" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(ओ) "लोक सेवक" से तात्पर्य धारा 14 की उपधारा (1) के खंड (क) से (ह) में निर्दिष्ट व्यक्ति से है, परन्तु इसमें वह लोक सेवक शामिल नहीं है जिसके संबंध में सेना अधिनियम, 1950 (45 ऑफ 1950), वायु सेना अधिनियम, 1950 (46 ऑफ 1950), नौसेना अधिनियम, 1957 (62 ऑफ 1957) और तटरक्षक अधिनियम, 1978 (30 ऑफ 1978) के तहत किसी न्यायालय या अन्य प्राधिकरण द्वारा क्षेत्राधिकार का प्रयोग किया जा सकता है या उन अधिनियमों के तहत ऐसी प्रक्रिया ऐसे लोक सेवक पर लागू होती है;
(पी) "विनियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए विनियमों से है;
(q) "नियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों से है;
(आर) "अनुसूची" से तात्पर्य इस अधिनियम के साथ संलग्न अनुसूची से है;
(एस) "विशेष न्यायालय" से तात्पर्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत नियुक्त विशेष न्यायाधीश के न्यायालय से है।
(2) इस अधिनियम में प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो इस अधिनियम में परिभाषित नहीं हैं, परन्तु भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) में परिभाषित हैं, उनका वही अर्थ होगा जो उस अधिनियम में उन्हें दिया गया है।
(3) इस अधिनियम में किसी अन्य अधिनियम या उसके प्रावधान का कोई संदर्भ, जो किसी ऐसे क्षेत्र में लागू नहीं है जिस पर यह अधिनियम लागू होता है, उस क्षेत्र में लागू संबंधित अधिनियम या उसके प्रावधान के संदर्भ में समझा जाएगा।
(क) 'पीठ' से तात्पर्य लोकपाल की पीठ से है;
(ख) "अध्यक्ष" से तात्पर्य लोकपाल के अध्यक्ष से है;
(ग) "सक्षम प्राधिकारी", के संबंध में—
(i) प्रधानमंत्री से तात्पर्य लोक सभा से है;
(ii) मंत्रिपरिषद के सदस्य से तात्पर्य प्रधानमंत्री से है;
(iii) संसद सदस्य, मंत्री के अतिरिक्त, का अर्थ है—
(ए) राज्य परिषद के सदस्य के मामले में, परिषद का अध्यक्ष; और
(ख) लोक सभा के सदस्य के मामले में, सदन का अध्यक्ष;
(iv) केंद्रीय सरकार के किसी मंत्रालय या विभाग में कार्यरत अधिकारी से तात्पर्य उस मंत्रालय या विभाग के प्रभारी मंत्री से है जिसके अधीन वह अधिकारी कार्यरत है;
(v) संसद के किसी अधिनियम के तहत स्थापित या गठित किसी निकाय या बोर्ड या निगम या प्राधिकरण या कंपनी या सोसायटी या स्वायत्त निकाय (चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए) का अध्यक्ष या सदस्य, या केंद्र सरकार द्वारा पूर्णतः या आंशिक रूप से वित्तपोषित या उसके द्वारा नियंत्रित, ऐसे निकाय या बोर्ड या निगम या प्राधिकरण या कंपनी या सोसायटी या स्वायत्त निकाय के प्रशासनिक मंत्रालय का प्रभारी मंत्री;
(vi) संसद के किसी अधिनियम के तहत स्थापित या गठित किसी निकाय या बोर्ड या निगम या प्राधिकरण या कंपनी या सोसायटी या स्वायत्त निकाय (चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए) का कोई अधिकारी, या केंद्र सरकार द्वारा पूर्णतः या आंशिक रूप से वित्तपोषित या उसके द्वारा नियंत्रित, ऐसे निकाय या बोर्ड या निगम या प्राधिकरण या कंपनी या सोसायटी या स्वायत्त निकाय के प्रमुख को संदर्भित करता है;
(vii) उपरोक्त उपखंड (i) से (vi) के अंतर्गत न आने वाले किसी अन्य मामले में, इसका अर्थ ऐसे विभाग या प्राधिकरण से है जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है:
बशर्ते कि यदि उपखंड (v) या उपखंड (vi) में निर्दिष्ट कोई व्यक्ति संसद सदस्य भी हो, तो सक्षम प्राधिकारी निम्नलिखित होगा—
(क) यदि ऐसा सदस्य राज्य परिषद का सदस्य है, तो परिषद का अध्यक्ष; और
(ख) यदि ऐसा सदस्य लोक सभा का सदस्य है, तो सदन का अध्यक्ष;
(घ) "केंद्रीय सतर्कता आयोग" से तात्पर्य केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 (45 ऑफ 2003) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत गठित केंद्रीय सतर्कता आयोग से है;
(ई) "शिकायत" से तात्पर्य ऐसी शिकायत से है, जो निर्धारित प्रपत्र में की गई हो, जिसमें यह आरोप लगाया गया हो कि किसी लोक सेवक ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) के तहत दंडनीय अपराध किया है;
(f) "दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना" से तात्पर्य दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 (25 ऑफ 1946) की धारा 2 की उपधारा (1) के तहत गठित दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना से है;
(जी) "जांच" से तात्पर्य दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 2 के खंड (एच) के तहत परिभाषित जांच से है;
(h) "न्यायिक" सदस्य से तात्पर्य लोकपाल के न्यायिक सदस्य से है;
(i) "लोकपाल" से तात्पर्य धारा 3 के अधीन स्थापित निकाय से है;
(j) "सदस्य" से तात्पर्य लोकपाल के सदस्य से है;
(k) "मंत्री" से तात्पर्य केंद्रीय मंत्री से है, लेकिन इसमें प्रधानमंत्री शामिल नहीं है;
(एल) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" अभिव्यक्ति का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(m) "प्रारंभिक जांच" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत की गई जांच से है;
(n) "निर्धारित" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(ओ) "लोक सेवक" से तात्पर्य धारा 14 की उपधारा (1) के खंड (क) से (ह) में निर्दिष्ट व्यक्ति से है, परन्तु इसमें वह लोक सेवक शामिल नहीं है जिसके संबंध में सेना अधिनियम, 1950 (45 ऑफ 1950), वायु सेना अधिनियम, 1950 (46 ऑफ 1950), नौसेना अधिनियम, 1957 (62 ऑफ 1957) और तटरक्षक अधिनियम, 1978 (30 ऑफ 1978) के तहत किसी न्यायालय या अन्य प्राधिकरण द्वारा क्षेत्राधिकार का प्रयोग किया जा सकता है या उन अधिनियमों के तहत ऐसी प्रक्रिया ऐसे लोक सेवक पर लागू होती है;
(पी) "विनियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए विनियमों से है;
(q) "नियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों से है;
(आर) "अनुसूची" से तात्पर्य इस अधिनियम के साथ संलग्न अनुसूची से है;
(एस) "विशेष न्यायालय" से तात्पर्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत नियुक्त विशेष न्यायाधीश के न्यायालय से है।
(2) इस अधिनियम में प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ, जो इस अधिनियम में परिभाषित नहीं हैं, परन्तु भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) में परिभाषित हैं, उनका वही अर्थ होगा जो उस अधिनियम में उन्हें दिया गया है।
(3) इस अधिनियम में किसी अन्य अधिनियम या उसके प्रावधान का कोई संदर्भ, जो किसी ऐसे क्षेत्र में लागू नहीं है जिस पर यह अधिनियम लागू होता है, उस क्षेत्र में लागू संबंधित अधिनियम या उसके प्रावधान के संदर्भ में समझा जाएगा।
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