LL Act 38अध्याय X · Complaints Against Chairperson, Members and Officials of Lokpal
धारा 38 · लोकपाल के अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) लोकपाल के अधीन या उससे संबद्ध किसी अधिकारी, कर्मचारी या एजेंसी (दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान सहित) के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) के तहत दंडनीय अपराध के लिए लगाए गए आरोप या कदाचार की प्रत्येक शिकायत का निपटारा इस धारा के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
(2) लोकपाल शिकायत या आरोप की जांच उसकी प्राप्ति की तिथि से तीस दिनों की अवधि के भीतर पूरी करेगा।
(3) लोकपाल या लोकपाल से संबद्ध किसी एजेंसी के किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत की जाँच करते समय, यदि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह संतुष्टि हो जाए कि—
(क) लोकपाल या उससे संबद्ध एजेंसी के ऐसे अधिकारी या कर्मचारी का जांच करते समय अपने पद पर बने रहना ऐसी जांच को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है; या
(ख) लोकपाल या उससे संबद्ध एजेंसी का कोई अधिकारी या कर्मचारी साक्ष्य को नष्ट करने या किसी भी तरह से उसमें छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की संभावना रखता हो।
तब, लोकपाल आदेश द्वारा लोकपाल के ऐसे अधिकारी या कर्मचारी को निलंबित कर सकता है या लोकपाल से संबद्ध या उससे जुड़ी ऐसी एजेंसी को उन सभी शक्तियों और जिम्मेदारियों से वंचित कर सकता है जिनका प्रयोग वह पहले करता था।
(4) जांच पूरी होने पर, यदि लोकपाल संतुष्ट है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) के तहत किसी अपराध या किसी कदाचार के प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं, तो वह ऐसी जांच पूरी होने के पंद्रह दिनों के भीतर लोकपाल के ऐसे अधिकारी या कर्मचारी या लोकपाल से जुड़े या संबद्ध ऐसे अधिकारी, कर्मचारी, एजेंसी के खिलाफ अभियोग चलाने का आदेश देगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करेगा:
बशर्ते कि लोकपाल के ऐसे अधिकारी या कर्मचारी, ऐसे अधिकारी, कर्मचारी, नियुक्त या संबद्ध एजेंसी को सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा।
(2) लोकपाल शिकायत या आरोप की जांच उसकी प्राप्ति की तिथि से तीस दिनों की अवधि के भीतर पूरी करेगा।
(3) लोकपाल या लोकपाल से संबद्ध किसी एजेंसी के किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत की जाँच करते समय, यदि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह संतुष्टि हो जाए कि—
(क) लोकपाल या उससे संबद्ध एजेंसी के ऐसे अधिकारी या कर्मचारी का जांच करते समय अपने पद पर बने रहना ऐसी जांच को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है; या
(ख) लोकपाल या उससे संबद्ध एजेंसी का कोई अधिकारी या कर्मचारी साक्ष्य को नष्ट करने या किसी भी तरह से उसमें छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की संभावना रखता हो।
तब, लोकपाल आदेश द्वारा लोकपाल के ऐसे अधिकारी या कर्मचारी को निलंबित कर सकता है या लोकपाल से संबद्ध या उससे जुड़ी ऐसी एजेंसी को उन सभी शक्तियों और जिम्मेदारियों से वंचित कर सकता है जिनका प्रयोग वह पहले करता था।
(4) जांच पूरी होने पर, यदि लोकपाल संतुष्ट है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) के तहत किसी अपराध या किसी कदाचार के प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं, तो वह ऐसी जांच पूरी होने के पंद्रह दिनों के भीतर लोकपाल के ऐसे अधिकारी या कर्मचारी या लोकपाल से जुड़े या संबद्ध ऐसे अधिकारी, कर्मचारी, एजेंसी के खिलाफ अभियोग चलाने का आदेश देगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करेगा:
बशर्ते कि लोकपाल के ऐसे अधिकारी या कर्मचारी, ऐसे अधिकारी, कर्मचारी, नियुक्त या संबद्ध एजेंसी को सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा।
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