LL Act 12अध्याय IV · Prosecution Wing
धारा 12 · अभियोजन पक्ष।
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(1) लोकपाल इस अधिनियम के अंतर्गत लोकपाल द्वारा की गई किसी शिकायत के संबंध में लोक सेवकों पर अभियोग चलाने के उद्देश्य से लोकपाल अधिसूचना द्वारा अभियोजन निदेशक के नेतृत्व में एक अभियोजन शाखा का गठन करेगा:
बशर्ते कि जब तक लोकपाल द्वारा अभियोजन शाखा का गठन नहीं हो जाता, तब तक केंद्र सरकार अपने मंत्रालयों या विभागों से उतने अधिकारी और अन्य कर्मचारी उपलब्ध कराएगी, जितने लोकपाल को इस अधिनियम के तहत अभियोजन चलाने के लिए आवश्यक हों।
(2) लोकपाल द्वारा निर्देशित किए जाने के बाद, अभियोजन निदेशक जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार विशेष न्यायालय के समक्ष मामला दाखिल करेगा और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) के तहत दंडनीय किसी भी अपराध के संबंध में लोक सेवकों के अभियोजन के संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
(3) उपधारा (2) के अंतर्गत मामला, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 173 में निर्दिष्ट जांच पूरी होने पर दायर की गई रिपोर्ट माना जाएगा।
बशर्ते कि जब तक लोकपाल द्वारा अभियोजन शाखा का गठन नहीं हो जाता, तब तक केंद्र सरकार अपने मंत्रालयों या विभागों से उतने अधिकारी और अन्य कर्मचारी उपलब्ध कराएगी, जितने लोकपाल को इस अधिनियम के तहत अभियोजन चलाने के लिए आवश्यक हों।
(2) लोकपाल द्वारा निर्देशित किए जाने के बाद, अभियोजन निदेशक जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार विशेष न्यायालय के समक्ष मामला दाखिल करेगा और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (49 ऑफ 1988) के तहत दंडनीय किसी भी अपराध के संबंध में लोक सेवकों के अभियोजन के संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
(3) उपधारा (2) के अंतर्गत मामला, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 173 में निर्दिष्ट जांच पूरी होने पर दायर की गई रिपोर्ट माना जाएगा।
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