The Railways Act, 1989 90अध्याय X · Special Provisions as to Goods Booked to Notified Stations
धारा 90 · अधिसूचित स्टेशनों पर न हटाई गई वस्तुओं का निपटान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि माल ढुलाई के लिए ही अभिप्रेत किसी ट्रेन द्वारा किसी अधिसूचित स्टेशन पर परिवहन के लिए सौंपी गई कोई वस्तु, उस स्टेशन पर उसके पारगमन की समाप्ति के सात दिनों के भीतर, ऐसा करने के हकदार व्यक्ति द्वारा उस स्टेशन से नहीं हटाई जाती है, तो रेल प्रशासन, उप-धारा (2) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, ऐसी वस्तुओं को सार्वजनिक नीलामी द्वारा बेच सकता है और धारा 89 की उप-धारा (3) के प्रावधानों के अनुसार, ऐसी वस्तुओं का विवरण देने वाला एक विवरण प्रदर्शित करने के अतिरिक्त, ऐसी सार्वजनिक नीलामी की कोई सूचना देना आवश्यक नहीं होगा, परन्तु इस उप-धारा के अंतर्गत ऐसी नीलामी आयोजित करने की तिथि एक या एक से अधिक स्थानीय समाचार पत्रों में अधिसूचित की जा सकती है, या जहाँ ऐसे समाचार पत्र न हों, वहाँ ऐसे तरीके से अधिसूचित की जा सकती है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि यदि इस उपधारा के तहत ऐसे माल की बिक्री से पहले किसी भी समय, इसके हकदार व्यक्ति माल ढुलाई और अन्य शुल्क तथा रेलवे प्रशासन को देय व्यय का भुगतान कर देता है, तो उसे ऐसे माल को ले जाने की अनुमति दी जाएगी।
(2) यदि कोई वस्तुएँ, जिन्हें उपधारा (1) के अधीन अधिसूचित स्टेशन पर सार्वजनिक नीलामी द्वारा बेचा जा सकता है, आवश्यक वस्तुएँ हों, और वे वस्तुएँ केंद्र सरकार या राज्य सरकार को अपने उपयोग के लिए आवश्यक हों, या यदि केंद्र सरकार या ऐसी राज्य सरकार यह समझती हो कि ऐसी सभी या किसी भी आवश्यक वस्तु की उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है, तो वह लिखित आदेश द्वारा ऐसी नीलामी के प्रभारी रेल कर्मचारी को ऐसी वस्तुओं को उसे या ऐसी एजेंसी, सहकारी समिति या अन्य व्यक्ति (जो सरकार के नियंत्रण के अधीन हो) को हस्तांतरित करने का निर्देश दे सकती है, जो ऐसी आवश्यक वस्तुओं की बिक्री के व्यवसाय में लगी हो, जैसा कि निर्देश में निर्दिष्ट किया गया हो।
(3) उपधारा (2) के तहत किसी आवश्यक वस्तु के संबंध में जारी किया गया प्रत्येक निर्देश उस रेल कर्मचारी पर बाध्यकारी होगा जिसे यह जारी किया गया है और रेल प्रशासन पर भी बाध्यकारी होगा, और माल के हकदार व्यक्ति द्वारा किसी भी दावे के विरुद्ध यह पर्याप्त बचाव होगा कि ऐसी आवश्यक वस्तुओं का हस्तांतरण ऐसे निर्देश के अनुपालन में किया गया है।
उसे उपलब्ध कराया--
(क) ऐसा निर्देश रेल कर्मचारी या रेल प्रशासन पर बाध्यकारी नहीं होगा।
(i) यदि रेल कर्मचारी को यह सूचना समय पर प्राप्त नहीं हुई है जिससे वह संबंधित आवश्यक वस्तुओं की बिक्री को रोक सके; या
(ii) यदि ऐसी बिक्री के लिए निर्धारित समय से पहले, ऐसे माल का हकदार व्यक्ति माल भाड़ा और अन्य शुल्क तथा उससे संबंधित देय व्यय का भुगतान कर देता है और यह दावा करता है कि उसे माल हटाने की अनुमति दी जाए; या
(iii) यदि ऐसे माल के लिए देय मूल्य (जैसा कि केंद्र सरकार या, जैसा भी मामला हो, राज्य सरकार द्वारा अनुमानित किया गया है) निर्धारित तरीके से रेलवे प्रशासन के खाते में जमा नहीं किया जाता है और रेलवे प्रशासन को किसी भी अतिरिक्त राशि के विरुद्ध क्षतिपूर्ति नहीं दी जाती है जो उसे उप-धारा (4) के प्रावधानों के अनुसार मूल्य की गणना न किए जाने के कारण मूल्य के भुगतान के लिए उत्तरदायी हो सकती है;
(ख) जहां केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों द्वारा एक ही माल के संबंध में निर्देश जारी किए जाते हैं, वहां पहले प्राप्त निर्देश प्रभावी होंगे।
(4) उपधारा (2) के तहत जारी निर्देश के अनुपालन में हस्तांतरित किसी आवश्यक वस्तु के लिए देय मूल्य, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3) के प्रावधानों के अनुसार गणना किया गया मूल्य होगा।
उसे उपलब्ध कराया--
(क) किसी आवश्यक वस्तु के मामले में, जो खाद्य पदार्थ हो, जिसके संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3क) के तहत जारी अधिसूचना उस इलाके में लागू हो जहां अधिसूचित स्टेशन स्थित है, देय मूल्य की गणना उस उपधारा के खंड (iii) और (iv) के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी;
(ख) यदि कोई आवश्यक वस्तु खाद्यान्न, खाद्य तिलहन या खाद्य तेलों की कोई श्रेणी या किस्म हो, जिसके संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3ए) के तहत जारी कोई अधिसूचना उस इलाके में लागू नहीं है जहां अधिसूचित स्टेशन स्थित है, तो देय मूल्य की गणना उस धारा की उपधारा (3बी) के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी;
(ग) यदि कोई आवश्यक वस्तु चीनी है जिसके संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3ए) के तहत जारी कोई अधिसूचना उस इलाके में लागू नहीं है जहां अधिसूचित स्टेशन स्थित है, तो देय मूल्य, यदि ऐसी चीनी उत्पादक द्वारा स्वयं को बुक की गई है, तो उस धारा की उपधारा (3सी) के प्रावधानों के अनुसार गणना की जाएगी।
स्पष्टीकरण। -- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "उत्पादक" और "चीनी" शब्दों का वही अर्थ होगा जो आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3सी) और धारा 2 के खंड (ई) के स्पष्टीकरण में इन शब्दों को दिया गया है।
बशर्ते कि यदि इस उपधारा के तहत ऐसे माल की बिक्री से पहले किसी भी समय, इसके हकदार व्यक्ति माल ढुलाई और अन्य शुल्क तथा रेलवे प्रशासन को देय व्यय का भुगतान कर देता है, तो उसे ऐसे माल को ले जाने की अनुमति दी जाएगी।
(2) यदि कोई वस्तुएँ, जिन्हें उपधारा (1) के अधीन अधिसूचित स्टेशन पर सार्वजनिक नीलामी द्वारा बेचा जा सकता है, आवश्यक वस्तुएँ हों, और वे वस्तुएँ केंद्र सरकार या राज्य सरकार को अपने उपयोग के लिए आवश्यक हों, या यदि केंद्र सरकार या ऐसी राज्य सरकार यह समझती हो कि ऐसी सभी या किसी भी आवश्यक वस्तु की उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है, तो वह लिखित आदेश द्वारा ऐसी नीलामी के प्रभारी रेल कर्मचारी को ऐसी वस्तुओं को उसे या ऐसी एजेंसी, सहकारी समिति या अन्य व्यक्ति (जो सरकार के नियंत्रण के अधीन हो) को हस्तांतरित करने का निर्देश दे सकती है, जो ऐसी आवश्यक वस्तुओं की बिक्री के व्यवसाय में लगी हो, जैसा कि निर्देश में निर्दिष्ट किया गया हो।
(3) उपधारा (2) के तहत किसी आवश्यक वस्तु के संबंध में जारी किया गया प्रत्येक निर्देश उस रेल कर्मचारी पर बाध्यकारी होगा जिसे यह जारी किया गया है और रेल प्रशासन पर भी बाध्यकारी होगा, और माल के हकदार व्यक्ति द्वारा किसी भी दावे के विरुद्ध यह पर्याप्त बचाव होगा कि ऐसी आवश्यक वस्तुओं का हस्तांतरण ऐसे निर्देश के अनुपालन में किया गया है।
उसे उपलब्ध कराया--
(क) ऐसा निर्देश रेल कर्मचारी या रेल प्रशासन पर बाध्यकारी नहीं होगा।
(i) यदि रेल कर्मचारी को यह सूचना समय पर प्राप्त नहीं हुई है जिससे वह संबंधित आवश्यक वस्तुओं की बिक्री को रोक सके; या
(ii) यदि ऐसी बिक्री के लिए निर्धारित समय से पहले, ऐसे माल का हकदार व्यक्ति माल भाड़ा और अन्य शुल्क तथा उससे संबंधित देय व्यय का भुगतान कर देता है और यह दावा करता है कि उसे माल हटाने की अनुमति दी जाए; या
(iii) यदि ऐसे माल के लिए देय मूल्य (जैसा कि केंद्र सरकार या, जैसा भी मामला हो, राज्य सरकार द्वारा अनुमानित किया गया है) निर्धारित तरीके से रेलवे प्रशासन के खाते में जमा नहीं किया जाता है और रेलवे प्रशासन को किसी भी अतिरिक्त राशि के विरुद्ध क्षतिपूर्ति नहीं दी जाती है जो उसे उप-धारा (4) के प्रावधानों के अनुसार मूल्य की गणना न किए जाने के कारण मूल्य के भुगतान के लिए उत्तरदायी हो सकती है;
(ख) जहां केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों द्वारा एक ही माल के संबंध में निर्देश जारी किए जाते हैं, वहां पहले प्राप्त निर्देश प्रभावी होंगे।
(4) उपधारा (2) के तहत जारी निर्देश के अनुपालन में हस्तांतरित किसी आवश्यक वस्तु के लिए देय मूल्य, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3) के प्रावधानों के अनुसार गणना किया गया मूल्य होगा।
उसे उपलब्ध कराया--
(क) किसी आवश्यक वस्तु के मामले में, जो खाद्य पदार्थ हो, जिसके संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3क) के तहत जारी अधिसूचना उस इलाके में लागू हो जहां अधिसूचित स्टेशन स्थित है, देय मूल्य की गणना उस उपधारा के खंड (iii) और (iv) के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी;
(ख) यदि कोई आवश्यक वस्तु खाद्यान्न, खाद्य तिलहन या खाद्य तेलों की कोई श्रेणी या किस्म हो, जिसके संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3ए) के तहत जारी कोई अधिसूचना उस इलाके में लागू नहीं है जहां अधिसूचित स्टेशन स्थित है, तो देय मूल्य की गणना उस धारा की उपधारा (3बी) के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी;
(ग) यदि कोई आवश्यक वस्तु चीनी है जिसके संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3ए) के तहत जारी कोई अधिसूचना उस इलाके में लागू नहीं है जहां अधिसूचित स्टेशन स्थित है, तो देय मूल्य, यदि ऐसी चीनी उत्पादक द्वारा स्वयं को बुक की गई है, तो उस धारा की उपधारा (3सी) के प्रावधानों के अनुसार गणना की जाएगी।
स्पष्टीकरण। -- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "उत्पादक" और "चीनी" शब्दों का वही अर्थ होगा जो आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) की धारा 3 की उपधारा (3सी) और धारा 2 के खंड (ई) के स्पष्टीकरण में इन शब्दों को दिया गया है।
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