The Railways Act, 1989 132अध्याय XIV · Regulation of Hours of Work and Period of Rest
धारा 132 · कार्य घंटों की सीमा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) रेल कर्मचारी जिसका रोजगार अनिवार्य रूप से रुक-रुक कर होता है, उसे किसी भी सप्ताह में पचहत्तर घंटे से अधिक नियोजित नहीं किया जाएगा।
(2) रेल कर्मचारी जिसका रोजगार निरंतर है, उसे चौदह दिनों की दो-साप्ताहिक अवधि में औसतन चौवन घंटे प्रति सप्ताह से अधिक नियोजित नहीं किया जाएगा।
(3) रेल कर्मचारी जिसका रोजगार गहन है, उसे चौदह दिनों की दो-साप्ताहिक अवधि में औसतन पैंतालीस घंटे प्रति सप्ताह से अधिक नियोजित नहीं किया जाएगा।
(4) ऐसे नियमों के अधीन रहते हुए, निर्धारित प्राधिकारी द्वारा उपधारा (1) या उपधारा (2) या उपधारा (3) के प्रावधानों से रेल कर्मचारियों को अस्थायी छूट दी जा सकती है, यदि उसकी राय हो कि रेल के सामान्य कामकाज में गंभीर बाधा से बचने के लिए या दुर्घटना, वास्तविक या संभावित, के मामलों में या जब रेल या रोलिंग स्टॉक में तत्काल कार्य करने की आवश्यकता हो या किसी ऐसी आपात स्थिति में जिसे पहले से नहीं देखा जा सकता था या रोका नहीं जा सकता था या काम के असाधारण दबाव के अन्य मामलों में ऐसी अस्थायी छूट आवश्यक है।
बशर्ते कि यदि ऐसी छूट के परिणामस्वरूप किसी उपधारा में निर्दिष्ट रेल कर्मचारी के रोजगार के घंटों में वृद्धि होती है, तो उसे अतिरिक्त घंटों के काम के लिए उसकी सामान्य वेतन दर से कम से कम दो गुना दर पर ओवरटाइम का भुगतान किया जाएगा।
(2) रेल कर्मचारी जिसका रोजगार निरंतर है, उसे चौदह दिनों की दो-साप्ताहिक अवधि में औसतन चौवन घंटे प्रति सप्ताह से अधिक नियोजित नहीं किया जाएगा।
(3) रेल कर्मचारी जिसका रोजगार गहन है, उसे चौदह दिनों की दो-साप्ताहिक अवधि में औसतन पैंतालीस घंटे प्रति सप्ताह से अधिक नियोजित नहीं किया जाएगा।
(4) ऐसे नियमों के अधीन रहते हुए, निर्धारित प्राधिकारी द्वारा उपधारा (1) या उपधारा (2) या उपधारा (3) के प्रावधानों से रेल कर्मचारियों को अस्थायी छूट दी जा सकती है, यदि उसकी राय हो कि रेल के सामान्य कामकाज में गंभीर बाधा से बचने के लिए या दुर्घटना, वास्तविक या संभावित, के मामलों में या जब रेल या रोलिंग स्टॉक में तत्काल कार्य करने की आवश्यकता हो या किसी ऐसी आपात स्थिति में जिसे पहले से नहीं देखा जा सकता था या रोका नहीं जा सकता था या काम के असाधारण दबाव के अन्य मामलों में ऐसी अस्थायी छूट आवश्यक है।
बशर्ते कि यदि ऐसी छूट के परिणामस्वरूप किसी उपधारा में निर्दिष्ट रेल कर्मचारी के रोजगार के घंटों में वृद्धि होती है, तो उसे अतिरिक्त घंटों के काम के लिए उसकी सामान्य वेतन दर से कम से कम दो गुना दर पर ओवरटाइम का भुगतान किया जाएगा।
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