RS Act 42अध्याय X · Miscellaneous
धारा 42 · नियम बनाने की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम बना सकती है।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:---
(क) धारा 4 के अधीन भौगोलिक क्षेत्र या विशेषज्ञता क्षेत्रों के भीतर सक्षम प्राधिकारी के कर्तव्य;
(ख) धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन प्रत्येक जहाज द्वारा किसी भी खतरनाक सामग्री की स्थापना या उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध और शर्तें;
(ग) धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (क), (ख) और (घ) के अधीन जहाजों के सर्वेक्षण के लिए सत्यापित की जाने वाली आवश्यकताएँ;
(घ) धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (ङ) के अधीन जहाजों के सर्वेक्षण के लिए आवश्यक अन्य शर्तें;
(ई) धारा 8 की उपधारा (2) और धारा 9 के तहत खतरनाक सामग्रियों की सूची पर प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए नियम और शर्तें, वैधता, प्रारूप और तरीका;
(f) धारा 10 के खंड (ii) के अधीन जहाज संरचनाओं और उपकरणों में परिवर्तन;
(जी) धारा 12 की उपधारा (2) के अधीन जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के प्राधिकरण हेतु आवेदन करने का प्रपत्र, शुल्क और तरीका;
(h) धारा 12 की उपधारा (9) के अधीन प्राधिकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण का तरीका, अवधि और शुल्क;
(i) धारा 15 की उपधारा (2) के अधीन नियमित और अस्थायी श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत या व्यापक बीमा कवरेज प्रदान करने का तरीका;
(j) धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन जहाज के आगमन के बारे में अग्रिम सूचना देने का तरीका;
(k) धारा 20 की उपधारा (1) के अधीन अनुमति प्रदान करने के लिए एजेंसियों के प्रतिनिधियों की सेवाओं की मांग;
(एल) धारा 22 की उपधारा (3) के तहत पर्यावरणीय क्षति के लिए जहाज पुनर्चक्रणकर्ता का दायित्व;
(m) सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के विरुद्ध अपील दाखिल करने का तरीका और धारा 25 के तहत ऐसी अपील के निपटान का तरीका;
(n) राष्ट्रीय प्राधिकरण के आदेशों के विरुद्ध अपील दाखिल करने का तरीका और धारा 26 के तहत ऐसी अपील के निपटान का तरीका;
(ओ) धारा 30 के परंतुक के अधीन अधिनियम के प्रावधानों के लागू न होने की स्थिति में जहाजों को किस प्रकार कार्य करना होगा;
(पी) धारा 37 के तहत देय राशि के निर्धारण और वसूली का तरीका;
(q) धारा 39 की उपधारा (2) के अंतर्गत किसी जहाज द्वारा प्राप्त मुआवजे की दर, गणना विधि और मुआवजे का तरीका;
(r) धारा 39 की उपधारा (3) के अधीन मुआवजे के भुगतान के उद्देश्य से जांच आयोजित करने का तरीका; और
(एस) कोई अन्य मामला जिसे नियमों द्वारा निर्धारित किया जाना है, या किया जा सकता है, या जिसके संबंध में नियमों द्वारा प्रावधान किया जाना है।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:---
(क) धारा 4 के अधीन भौगोलिक क्षेत्र या विशेषज्ञता क्षेत्रों के भीतर सक्षम प्राधिकारी के कर्तव्य;
(ख) धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन प्रत्येक जहाज द्वारा किसी भी खतरनाक सामग्री की स्थापना या उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध और शर्तें;
(ग) धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (क), (ख) और (घ) के अधीन जहाजों के सर्वेक्षण के लिए सत्यापित की जाने वाली आवश्यकताएँ;
(घ) धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (ङ) के अधीन जहाजों के सर्वेक्षण के लिए आवश्यक अन्य शर्तें;
(ई) धारा 8 की उपधारा (2) और धारा 9 के तहत खतरनाक सामग्रियों की सूची पर प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए नियम और शर्तें, वैधता, प्रारूप और तरीका;
(f) धारा 10 के खंड (ii) के अधीन जहाज संरचनाओं और उपकरणों में परिवर्तन;
(जी) धारा 12 की उपधारा (2) के अधीन जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के प्राधिकरण हेतु आवेदन करने का प्रपत्र, शुल्क और तरीका;
(h) धारा 12 की उपधारा (9) के अधीन प्राधिकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण का तरीका, अवधि और शुल्क;
(i) धारा 15 की उपधारा (2) के अधीन नियमित और अस्थायी श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत या व्यापक बीमा कवरेज प्रदान करने का तरीका;
(j) धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन जहाज के आगमन के बारे में अग्रिम सूचना देने का तरीका;
(k) धारा 20 की उपधारा (1) के अधीन अनुमति प्रदान करने के लिए एजेंसियों के प्रतिनिधियों की सेवाओं की मांग;
(एल) धारा 22 की उपधारा (3) के तहत पर्यावरणीय क्षति के लिए जहाज पुनर्चक्रणकर्ता का दायित्व;
(m) सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के विरुद्ध अपील दाखिल करने का तरीका और धारा 25 के तहत ऐसी अपील के निपटान का तरीका;
(n) राष्ट्रीय प्राधिकरण के आदेशों के विरुद्ध अपील दाखिल करने का तरीका और धारा 26 के तहत ऐसी अपील के निपटान का तरीका;
(ओ) धारा 30 के परंतुक के अधीन अधिनियम के प्रावधानों के लागू न होने की स्थिति में जहाजों को किस प्रकार कार्य करना होगा;
(पी) धारा 37 के तहत देय राशि के निर्धारण और वसूली का तरीका;
(q) धारा 39 की उपधारा (2) के अंतर्गत किसी जहाज द्वारा प्राप्त मुआवजे की दर, गणना विधि और मुआवजे का तरीका;
(r) धारा 39 की उपधारा (3) के अधीन मुआवजे के भुगतान के उद्देश्य से जांच आयोजित करने का तरीका; और
(एस) कोई अन्य मामला जिसे नियमों द्वारा निर्धारित किया जाना है, या किया जा सकता है, या जिसके संबंध में नियमों द्वारा प्रावधान किया जाना है।
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