RS Act 28अध्याय VIII · Powers and Functions of National Authority, Competent Authority and Central Government
धारा 28 · किसी जहाज का निरीक्षण करने, उसे बर्खास्त करने, उसे प्रतिबंधित क्षेत्र में भेजने या उसे हिरासत में लेने का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राष्ट्रीय प्राधिकरण या प्रशासन या उसके द्वारा अधिकृत कोई सर्वेक्षणकर्ता, किसी बंदरगाह पर या भारतीय जलक्षेत्र में रहते हुए, उचित समय पर किसी भी जहाज का निरीक्षण कर सकता है:
बशर्ते कि ऐसा कोई भी निरीक्षण केवल इस बात की पुष्टि करने के उद्देश्य से किया जाएगा कि जहाज पर या तो खतरनाक सामग्रियों की सूची का प्रमाण पत्र है या पुनर्चक्रण के लिए तैयार होने का प्रमाण पत्र है।
(2) राष्ट्रीय प्राधिकरण निम्नलिखित मामलों में जहाज को अपने बंदरगाहों से या भारतीय जलक्षेत्र में निष्कासित, बाहर निकाल या हिरासत में ले सकता है:--
(क) खतरनाक सामग्रियों की सूची का वैध प्रमाण पत्र या पुनर्चक्रण के लिए तैयार होने का वैध प्रमाण पत्र या दोनों, जैसा लागू हो, न रखने में विफलता; या
(ख) केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित खतरनाक पदार्थों के लिए नियंत्रण उपायों का अनुपालन न करना।
(3) उपधारा (2) के अधीन हिरासत में लिया गया जहाज तब तक हिरासत में रहेगा जब तक कि गैर-अनुपालन का सुधार नहीं हो जाता या जब तक कि राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा ऐसे हिरासत में लिए गए जहाज को जहाज, पर्यावरण या उस पर सवार व्यक्तियों के लिए बिना किसी खतरे के उपयुक्त मरम्मत यार्ड या बंदरगाह पर जाने की अनुमति नहीं दे दी जाती।
(4) भारतीय नौसेना या भारतीय तटरक्षक बल का कोई भी कमीशन प्राप्त अधिकारी या कोई बंदरगाह अधिकारी, पायलट, हार्बर मास्टर, बंदरगाह संरक्षक या सीमा शुल्क कलेक्टर उस जहाज को रोक सकता है, जिसे इस अधिनियम के तहत रोकने के लिए अधिकृत या आदेश दिया गया है।
बशर्ते कि ऐसा कोई भी निरीक्षण केवल इस बात की पुष्टि करने के उद्देश्य से किया जाएगा कि जहाज पर या तो खतरनाक सामग्रियों की सूची का प्रमाण पत्र है या पुनर्चक्रण के लिए तैयार होने का प्रमाण पत्र है।
(2) राष्ट्रीय प्राधिकरण निम्नलिखित मामलों में जहाज को अपने बंदरगाहों से या भारतीय जलक्षेत्र में निष्कासित, बाहर निकाल या हिरासत में ले सकता है:--
(क) खतरनाक सामग्रियों की सूची का वैध प्रमाण पत्र या पुनर्चक्रण के लिए तैयार होने का वैध प्रमाण पत्र या दोनों, जैसा लागू हो, न रखने में विफलता; या
(ख) केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित खतरनाक पदार्थों के लिए नियंत्रण उपायों का अनुपालन न करना।
(3) उपधारा (2) के अधीन हिरासत में लिया गया जहाज तब तक हिरासत में रहेगा जब तक कि गैर-अनुपालन का सुधार नहीं हो जाता या जब तक कि राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा ऐसे हिरासत में लिए गए जहाज को जहाज, पर्यावरण या उस पर सवार व्यक्तियों के लिए बिना किसी खतरे के उपयुक्त मरम्मत यार्ड या बंदरगाह पर जाने की अनुमति नहीं दे दी जाती।
(4) भारतीय नौसेना या भारतीय तटरक्षक बल का कोई भी कमीशन प्राप्त अधिकारी या कोई बंदरगाह अधिकारी, पायलट, हार्बर मास्टर, बंदरगाह संरक्षक या सीमा शुल्क कलेक्टर उस जहाज को रोक सकता है, जिसे इस अधिनियम के तहत रोकने के लिए अधिकृत या आदेश दिया गया है।
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